सीधी: टिकरी मार्ग पर पलटा बल्कर, कलेक्टर का आदेश बेअसर
चालक गंभीर, प्रशासनिक सख्ती के बावजूद सड़कों पर नियमों की उड़ रही धज्जियां

सीधी, 15 मई 2025
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सीधी दौरे को लेकर जिले में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने और यातायात नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने जहां सख्त आदेश जारी किए थे, वहीं पुलिस की लापरवाही ने उन आदेशों की धज्जियां उड़ा दीं।
घटना सीधी-मझौली मुख्य मार्ग के सिकरा जंगल क्षेत्र की है, जहां आज सुबह करीब 9 से 10 बजे के बीच सीमेंट से लदा एक ओवरलोड बल्कर ट्रक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में ट्रक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया है।
कलेक्टर का आदेश था स्पष्ट – फिर भी कैसे पहुंचा बल्कर?
14 मई को ही सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए 14 मई रात 12 बजे से 15 मई रात 10 बजे तक जिले में भारी वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था।
यह निर्णय एसपी सीधी द्वारा प्रस्तुत सुरक्षा रिपोर्ट और मुख्यमंत्री की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया था।
लेकिन इसके बावजूद, सीधी-मझौली मार्ग जैसे मुख्य मार्ग पर ओवरलोड बल्कर का पहुंच जाना, और हादसा हो जाना, पुलिस की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
क्या था आदेश?
कलेक्टर के आदेशानुसार,
- सभी लोडेड व अनलोडेड भारी वाहनों के जिले के प्रमुख मार्गों पर आवागमन पर प्रतिबंध था।
- खासतौर पर चुरहट, मझौली, बहरी, कमर्जी, टिकरी, जोगीपुर, मड़वास मार्गों को चिन्हित कर वाहनों को रोकने के निर्देश थे।
- आदेश मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 115 और म.प्र. मोटरयान नियम, 1994 के तहत जारी किया गया था।
अब सवाल यह है —
???? क्या पुलिस चौकियों को आदेश की सूचना नहीं दी गई थी?
???? यदि दी गई थी, तो इतनी बड़ी चूक क्यों और कैसे हुई?
???? क्या ट्रक बिना जांच-पड़ताल के ही नाकों को पार करता रहा?
???? और सबसे महत्वपूर्ण – क्या किसी प्रशासनिक जिम्मेदार पर अब तक कार्रवाई हुई?
चालक गंभीर, ट्रक क्षतिग्रस्त, सड़क जाम
हादसे के बाद सीधी-मझौली मार्ग पर ट्रैफिक बाधित हुआ। ट्रक चालक को गंभीर हालत में स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया है। मौके पर भारी वाहन की उपस्थिति और दुर्घटना ने जिला प्रशासन के आदेशों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब क्या होगी कार्रवाई?
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पर अब जवाबदेही तय करने का दबाव है। आम नागरिकों ने मांग की है कि—
- इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार थाना प्रभारियों पर कार्रवाई की जाए।
- भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।
- और आदेशों के पालन की सुनिश्चित व्यवस्था बनाई जाए।
खबर अपडेट जारी है…








