Re. No. MP-47–0010301

कलेक्टर ने 40 अधिकारियों पर साधा शिकंजा, वेतनवृद्धि रोकने की चेतावनी

रीवा कलेक्टर ने 40 अधिकारियों पर साधा शिकंजा, वेतनवृद्धि रोकने की चेतावनी

रीवा। सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले 40 अधिकारियों पर रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए वेतनवृद्धि रोकने की चेतावनी दी है। निर्देश है कि तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करें, अन्यथा एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने यह नोटिस उन प्रकरणों में जारी किए हैं, जो सीएम हेल्पलाइन में 100 दिन से अधिक समय से लंबित हैं। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी और जनहित के मामलों में लापरवाही को गंभीर मानते हुए यह कदम उठाया है।

नोटिस प्राप्त करने वाले अधिकारी:
नोटिस पाने वालों में एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ, विभिन्न विभागों के अधिकारी और जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हैं।

  • एसडीएम स्तर: वैशाली जैन (हुझूर), पीएस त्रिपाठी (त्यौंथर), पीयूष भट्ट (जवा), संजय जैन (मंगावां), अनुराग तिवारी (गुढ़), पीके पाण्डेय (सिरमौर)।
  • तहसीलदार स्तर: अनुपम पाण्डेय (सिरमौर), अरुण यादव (गुढ़), शिवशंकर शुक्ला (हुझूर), विन्ध्या मिश्रा (हुझूर ग्रामीण), अर्जुन बेलवंशी (सेमरिया), विनयमूर्ति शर्मा (रायपुर कर्चुलियान), आंचल अग्रहरी (मंगावां), जीतेंद्र तिवारी (जवा), राजेन्द्र शुक्ला (त्यौंथर)।
  • जनपद सीईओ: हरीशंकर द्विवेदी (सिरमौर), प्रवीण बसोड़ (त्यौंथर), सुलभ सिंह कुसाम (जवा), संजय सिंह (रायपुर कर्चुलियान), श्रीमती पूनम दुबे (रीवा), प्राची चौबे (गंगेव)।
  • विभागीय अधिकारी: मनोज तिवारी (जल संसाधन), संजय पाण्डेय (पीएचई), नितिन पटेल (पीडब्ल्यूडी), नयन सिंह (महिला एवं बाल विकास), डॉ. संजीव शुक्ला (सीएमएचओ), कमलेश टाण्डेकर (जिला आपूर्ति)।
  • अन्य अधिकारी: ज्ञानेन्द्र पाण्डेय (सहकारिता), प्रिया अग्रवाल (श्रम), अपर्णा अवस्थी (प्राचार्य, टीआरएस कॉलेज), सुमन द्विवेदी (पिछड़ा वर्ग), बृजेश शुक्ला (ऊर्जा विभाग), कमलेश्वर सिंह (अनुसूचित जाति कल्याण), रामराज मिश्रा (जिला शिक्षा अधिकारी), जगमोहन (अग्रणी बैंक)।
  • अन्य जिला अधिकारी: यूपी बागरी (कृषि), शारदा मिश्रा (आयुष), डॉ. राजेश मिश्रा (पशुपालन), दीपमाला तिवारी (खनिज), जेपी तिवारी (जिला उद्योग केंद्र)।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतें जनता की प्राथमिक समस्याओं से जुड़ी होती हैं, और उनका समय पर समाधान न होना शासन की जनहितकारी योजनाओं और व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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