Re. No. MP-47–0010301

मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: डूब प्रभावितों को 1,782 करोड़ का पैकेज, कर्मचारी व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव

मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: डूब प्रभावितों को 1,782 करोड़ का पैकेज, कर्मचारी व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव

भोपाल | 16 दिसंबर 2025

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में राज्य के विकास, आधारभूत ढांचे और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम् गान के साथ हुई।

डूब प्रभावितों के लिए 1,782 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज
कैबिनेट ने नर्मदा घाटी विकास विभाग के अंतर्गत अपर नर्मदा, राघवपुर और बसानिया बहुउद्देशीय परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के लिए 1,782 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज को मंजूरी दी। यह राशि डीपीआर में पहले से प्रावधानित 1,656 करोड़ 2 लाख रुपये के अतिरिक्त है।
अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी जिलों की इन परियोजनाओं की कुल लागत 5,512 करोड़ 11 लाख रुपये है, जिनसे 71,967 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा और 125 मेगावाट विद्युत उत्पादन का प्रावधान है। परियोजनाओं से प्रभावित 13,873 परिवारों को प्रति परिवार 12.50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लगभग 50 हजार परिवारों को अतिरिक्त सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

भोपाल–इंदौर मेट्रो के संचालन के लिए 90.67 करोड़ स्वीकृत
कैबिनेट ने भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के संचालन एवं रखरखाव हेतु वर्ष 2025-26 के लिए 90 करोड़ 67 लाख रुपये के बजट प्रावधान को मंजूरी दी।

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना 2030-31 तक जारी
स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर रखने का निर्णय लिया गया। इस अवधि में योजना पर 905 करोड़ 25 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत 18 से 45 वर्ष के युवाओं को 50 हजार से 50 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिस पर शासन द्वारा 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान और सात वर्ष तक ऋण गारंटी शुल्क में सहायता दी जाती है।

ग्रामीण सड़क एवं अवसंरचना को मजबूती
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 10 लाख रुपये या उससे अधिक लागत के 3,810 कार्यों को स्वीकृति दी गई। इन पर लगभग 693 करोड़ 76 लाख रुपये व्यय होंगे।

छह वन विज्ञान केंद्रों की स्थापना
राज्य में कृषि वानिकी और वृक्ष खेती को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2025-26 से 2029-30 के बीच छह वन विज्ञान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए 48 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। अशासकीय संस्थाएं भी वन विभाग की अनुमति से इन केंद्रों की स्थापना कर सकेंगी।

कर्मचारियों की सेवा व्यवस्था में बड़ा सुधार
कैबिनेट ने राज्य शासन के विभिन्न विभागों में स्वीकृत अस्थायी पदों को स्थायी पदों में परिवर्तित करने के प्रावधान को मंजूरी दी। इसके साथ ही दैनिक वेतनभोगी, अंशकालीन, कार्यभारित, स्थायीकर्मी सहित सात कैटेगरी समाप्त कर दी गई हैं। अब केवल तीन संवर्ग—नियमित, संविदा और आउटसोर्स—ही मान्य होंगे। वर्तमान कर्मचारी अपने सेवाकाल तक कार्यरत रहेंगे, जबकि उनके सेवानिवृत्त होने पर पद स्वतः समाप्त हो जाएंगे।
कैबिनेट ने कार्यभारित कर्मचारी की सेवाकाल में मृत्यु होने पर उसके आश्रित को नियमित पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने का भी निर्णय लिया।

सम्मान और उपलब्धियां
बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने ब्लाइंड विमेन टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने वाली मध्यप्रदेश की तीन खिलाड़ियों को 25-25 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। बैतूल जिले की भरेवा धातु शिल्प को जीआई टैग मिलने पर शिल्पकार बलदेव वाघमारे को राष्ट्रीय शिल्प पुरस्कार और गुना जिले के म्याना रेलवे स्टेशन को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की गई।

कैबिनेट के इन फैसलों से प्रदेश में सिंचाई, परिवहन, रोजगार, वानिकी और प्रशासनिक व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।

Leave a Comment

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!