तहसील न्यायालय एवं शासकीय परिसरों के 200 मीटर दायरे में धरना-प्रदर्शन पर प्रतिबंध, आदेश जारी
सीधी, 17 जनवरी 2026।
Majhauli Tehsil Newsतहसील मझौली अंतर्गत न्यायालयों एवं शासकीय कार्यालयों में लगातार हो रहे धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपने और नारेबाजी से आम नागरिकों को हो रही परेशानी, लोक शांति भंग होने की आशंका तथा शासकीय कार्यों में व्यवधान को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। उपखण्ड मजिस्ट्रेट मझौली श्री रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163(2) के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है।
200 मीटर क्षेत्र को घोषित किया गया प्रतिबंधित
जारी आदेश के अनुसार उपखण्ड न्यायालय मझौली, तहसील न्यायालय परिसर मझौली, तहसील न्यायालय से लगे समस्त शासकीय परिसर तथा उपखण्ड अंतर्गत स्थित अन्य शासकीय कार्यालयों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है। इन सभी परिसरों के 200 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन पूर्णतः निषिद्ध रहेगा।
इन गतिविधियों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
प्रशासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में
धरना
प्रदर्शन
जुलूस
आंदोलन
घेराव
नारेबाजी
मशाल जुलूस
ढोल, साउंड बॉक्स, डी.जे. सहित किसी भी प्रकार के वाद्य यंत्रों का उपयोग
पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। आदेश का उद्देश्य न्यायालय एवं शासकीय कार्यालयों के कार्यों को निर्बाध रूप से संचालित करना एवं आमजन की सुविधा सुनिश्चित करना है।
उल्लंघन पर होगी दंडात्मक कार्यवाही
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति, संस्था या संगठन आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। इसमें कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ अन्य आवश्यक कदम भी उठाए जा सकते हैं।
दो माह तक प्रभावशील रहेगा आदेश
यह प्रतिबंधात्मक आदेश दिनांक 16 जनवरी 2026 से आगामी 02 माह की अवधि तक प्रभावशील रहेगा। प्रशासन ने आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं राजनीतिक दलों से आदेश का पालन करने एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।
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