मतदाता सूची से नाम विलोपन में फर्जीवाड़े का आरोप, सत्ता के दुरुपयोग का मामला उजागर
सीधी (बघवार)।
चुनाव आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम विलोपित कराए जाने का गंभीर फर्जीवाड़ा सामने आया है। यह मामला चुरहट विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 76 के ग्राम पटना, मतदान केंद्र से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां कथित रूप से अलोकतांत्रिक तरीके से 43 मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया अपनाई गई।
अंचल मंडल अध्यक्ष पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पटना निवासी और भाजपा से नामित कार्यकर्ता, पदेन चोरगड़ी मंडल अध्यक्ष नीरज मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने फॉर्म-7 के माध्यम से नियमों को दरकिनार करते हुए मतदाता सूची में हेरफेर की। आरोप है कि समाजसेवी महेंद्र शुक्ल के नाम से आवेदन दिखाकर ग्राम पटना के 43 स्थायी और प्रमाणित मतदाताओं के नाम विलोपित कराने का प्रयास किया गया।
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आवेदक को नहीं थी जानकारी, एक नाम पर 43 आवेदन
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि जिनके नाम से आवेदन किया गया, उन्हें इसकी कोई जानकारी ही नहीं थी। आरोप है कि उनके नाम का उल्लेख कर हस्ताक्षर भी कर लिए गए, जबकि एक ही व्यक्ति के नाम पर 43 मतदाताओं के नाम हटाने की निराधार प्रक्रिया अपनाई गई।
विरोधी मानकर नाम हटाने का प्रयास
बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत पटना के अजय सिंह, अजीत सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, ऋषिकुमार मिश्रा, प्रशांत, कृष्णाकांत, वीरेंद्र पांडे, रमेश मिश्रा, राजेंद्र मिश्रा, उपेंद्र मिश्रा, रोहित मिश्रा, शरद मिश्रा, संजीव, नारायण सहित कई लोगों को राजनीतिक रूप से विरोधी मानते हुए उनके नाम विलोपित कराने की कोशिश की गई।
ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग
इस कथित फर्जीवाड़े से समूचा ग्राम स्तब्ध और आक्रोशित है। ग्रामीणों ने इसे लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर हमला बताया है। जारी संयुक्त विज्ञप्ति में ग्रामीणों ने एसडीएम चुरहट एवं पदेन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
लोकतंत्र पर सवाल
भाजपा जैसी लोकतांत्रिक पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता पर लगे इन आरोपों ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होती है या नहीं।








