रिहायशी इलाके में भालू की दस्तक से दहशत, मधुमक्खी का छत्ता बना वजह, भगवार गांव में रातभर मचा हड़कंप
| कुसमी
सीधी जिले के संजय टाइगर रिजर्व अंतर्गत मोहन रेंज से सटे जंगल किनारे स्थित ग्राम पंचायत भगवार में रविवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक जंगली भालू रिहायशी इलाके में घुस आया। घटना रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है, जब भालू हरिजन बस्ती तक पहुंच गया, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया।
ग्रामीणों के अनुसार, बस्ती के पास एक घर के समीप पीपल का पुराना पेड़ है, जिस पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता लगा हुआ था। बताया जा रहा है कि मधुमक्खी के छत्ते से निकलने वाले रस की तलाश में भालू पीपल के पेड़ पर चढ़ गया और काफी देर तक वहीं मौजूद रहा। इसी दौरान पेड़ की हलचल और मधुमक्खियों की भनभनाहट से लोगों को कुछ अनहोनी का आभास हुआ।https://www.facebook.com/share/r/1D87mkxumj/
कुछ देर बाद जैसे ही भालू पेड़ से नीचे उतरा, उसकी नजर ग्रामीणों पर पड़ गई। भालू को देखते ही मोहल्ले में हल्ला-गुहार मच गई। लोग घरों से बाहर निकल आए, किसी ने टॉर्च जलाई तो किसी ने शोर मचाकर भालू को भगाने की कोशिश की। अचानक हुए शोर-शराबे से घबराया भालू गांव में ज्यादा देर नहीं रुका और नदी की दिशा में भागते हुए जंगल की ओर चला गया।
गनीमत रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन भालू के रिहायशी इलाके में पहुंचने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि जंगल से सटे होने के कारण गांव में पहले भी जंगली जानवरों की आवाजाही देखी गई है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। वहीं जानकारों का मानना है कि जंगलों में भोजन की कमी और बढ़ती मानवीय गतिविधियों के चलते वन्य जीव रिहायशी इलाकों की ओर आ रहे हैं। समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और गंभीर रूप ले सकती हैं।








