ग्राम पंचायत भगवार की अनूठी पहल: पंचायत भवन बना शिक्षा का केंद्र, बच्चों को मिल रही निःशुल्क पढ़ाई
सीधी जिले के कुसमी में सरपंच-सचिव की पहल से शिक्षा को मिला नया आयाम
कुसमी, सीधी।
सीधी जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत भगवार में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक सराहनीय पहल की गई है। पंचायत की सरपंच चेतना सिंह और सचिव रामभद्र शुक्ला की अगुवाई में पंचायत भवन को पढ़ाई का केंद्र बनाया गया है, जहां गांव के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है।

यह पहल खास तौर पर उन बच्चों और अभिभावकों के लिए लाभकारी साबित हो रही है, जो आर्थिक या अन्य कारणों से अपने बच्चों को ट्यूशन या अतिरिक्त पढ़ाई नहीं करा पा रहे थे। पंचायत स्तर पर शुरू किया गया यह प्रयास अब गांव में शिक्षा की नई रोशनी बनकर उभर रहा है।
प्रतिदिन चल रही हैं हिंदी, गणित और अंग्रेजी की कक्षाएं
इस निःशुल्क शिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रतिदिन सुबह 7:00 बजे से 8:00 बजे तक हिंदी, गणित एवं अंग्रेजी विषयों की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। बच्चों को पढ़ाने के लिए तीन समर्पित शिक्षकों की व्यवस्था की गई है, जो पूरे मनोयोग से अध्यापन कार्य कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि यह संपूर्ण व्यवस्था स्वयं के व्यय से की जा रही है और पिछले एक माह से लगातार जारी है।
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40 से अधिक बच्चे ले रहे नियमित शिक्षा
वर्तमान में ग्राम पंचायत भगवार के लगभग 40 बच्चे नियमित रूप से पंचायत भवन पहुंचकर पढ़ाई कर रहे हैं। बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। सुबह-सुबह पंचायत भवन में किताबों के साथ जुटते बच्चों का दृश्य गांव में सकारात्मक बदलाव का संकेत दे रहा है।
सरपंच और सचिव का बयान
इस संबंध में ग्राम पंचायत भगवार की सरपंच चेतना सिंह ने कहा कि “शिक्षा ही गांव और समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव है। यदि बच्चों को समय पर सही मार्गदर्शन मिले, तो वे आगे चलकर गांव और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।”
वहीं पंचायत सचिव रामभद्र शुक्ला ने अभिभावकों से अपील की कि वे इस निःशुल्क शिक्षा अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने बच्चों को नियमित रूप से पंचायत भवन भेजें, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
ग्रामीणों ने की पहल की सराहना
ग्रामीणों ने पंचायत की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पंचायत भवन में निःशुल्क शिक्षा व्यवस्था से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ी है और भविष्य को नई दिशा मिल रही है। ग्राम पंचायत भगवार की यह पहल अन्य पंचायतों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण बन रही है।








