प्रोड्यूसर के.सी. बोकाड़िया ने हाल ही में बॉलीवुड के दो दिग्गज सुपरस्टार सलमान खान और शाहरुख खान को लेकर एक दिलचस्प खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने दोनों अभिनेताओं को अपनी फिल्म ‘हम तुम्हारे हैं सनम’ के लिए एक साथ लाया।
के.सी. बोकाड़िया के अनुसार, सलमान खान के पिता ने बिना किसी पटकथा की चर्चा के ही उनके बेटे को इस भूमिका की मंजूरी दे दी थी। इसके विपरीत, शाहरुख खान ने फिल्म की मूल तमिल फिल्म देखी और उसके बाद ही इस प्रोजेक्ट को 20 दिनों के लिए स्वीकार किया, जिसमें वे 2 करोड़ रुपये की फीस पर सहमत हुए।
यह फिल्म 2002 में बड़े पर्दे पर आई थी लेकिन बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता नहीं प्राप्त कर सकी। इसके बावजूद, शाहरुख खान ने 95 लाख रुपये अभी तक की अपनी बकाया फीस नहीं ली, जो फिल्म के असफल होने के बाद भी उनके निर्णय को दर्शाता है।
के.सी. बोकाड़िया ने इस बारे में कहा कि शाहरुख खान एक सम्मानित और जिम्मेदार अभिनेता हैं, जिन्होंने फिल्म के लिए अपनी प्रतिबद्धता निभाई और बकाया राशि लेने से मना कर दिया जब फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही। फिल्म निर्माता ने दोनों कलाकारों की पेशेवरियत की प्रशंसा की और बताया कि वह इस अनुभव को अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।
‘हम तुम्हारे हैं सनम’ में सलमान खान, शाहरुख खान और माधुरी दीक्षित मुख्य भूमिका में थे। यह तीनों कलाकारों की पहली बार साथ में स्क्रीन साझा करने वाली फिल्म थी, जिसे लेकर काफी उम्मीदें थीं। हालांकि, यह फिल्म व्यावसायिक रूप से सफल नहीं रही, पर समय के साथ इसे एक कल्ट क्लासिक की संज्ञा मिली है।
फिल्म निर्माता का यह खुलासा न केवल फिल्म के पीछे की अनकही कथाएं सामने लाता है, बल्कि बॉलीवुड में कलाकारों की साझेदारी और समझदारी को भी दर्शाता है। यह कहानी दर्शाती है कि परस्पर सम्मान और ईमानदारी ही इस उद्योग को मजबूती प्रदान करती है।








