वाशिंगटन: जेरोम पॉवेल का अमेरिकी फेडरल रिजर्व बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल आगामी समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। उनका कार्यकाल डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति पदकाल के दौरान शुरू हुआ था और वर्तमान में जो बिडेन प्रशासन में समापित हो रहा है। पॉवेल ने इस दौरान कई आर्थिक चुनौतियों का सामना किया, जिनमें कोविड-19 महामारी के कारण आर्थिक मंदी की आशंका भी शामिल थी, लेकिन उन्होंने कुशल नेतृत्व का परिचय देते हुए अमेरिकी अर्थव्यवस्था को संभावित झटकों से बचाया।
पावेल के कार्यकाल में अमेरिका ने बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय सुधार देखा। उनके नेतृत्व के दौरान औसतन मासिक बेरोजगारी दर लगभग 4.6% रही, जो उनके तत्काल पूर्ववर्तियों की तुलना में सबसे कम है। यह आर्थिक सुधार उनके प्रभावी मौद्रिक नीतियों और आपातकालीन आर्थिक पैकेजों के क्रियान्वयन का परिणाम माना जा रहा है।
उनका कार्यकाल वैश्विक और घरेलू आर्थिक स्थिति की अस्थिरता के बावजूद स्थिरता प्रदान करने के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने फेडरल रिजर्व की नीतियों के माध्यम से ब्याज दरों को नियंत्रित रखा और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए आवश्यक कदम उठाए। मजदूर वर्ग और उद्यमियों के हितों का संतुलन बनाए रखते हुए आर्थिक विकास में सहायक भूमिका निभाई।
पावेल की अध्यक्षता में फेडरल रिजर्व ने कई बार अपनी नीतियों में बदलाव किया, तात्कालिक आर्थिक दबावों को कम करने के लिए ब्याज दरों में कटौती की और बाजारों को स्थिर रखने के प्रयास किए। उनकी नीतियां न केवल अमेरिका बल्कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर भी सकारात्मक प्रभाव डालती रही।
अब जब उनका कार्यकाल समाप्ति की ओर है, तो आर्थिक विशेषज्ञ और नीति निर्माता यह देख रहे हैं कि नए फेड प्रमुख के तहत आर्थिक नीतियां किस दिशा में जाएंगी। पॉवेल की उपलब्धियों को देखते हुए नए अध्यक्ष के लिए उच्च मानदंड स्थापित हो गए हैं। उनके नेतृत्व की विरासत से प्रेरणा लेकर आगामी सरकार आर्थिक स्थिरता और विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत रहेगी।








