नई दिल्ली: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने बताया है कि अपनी कक्षा 9 की पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए वह युद्धस्तर पर काम कर रहा है। परिषद ने यह भी कहा कि आपूर्ति सामान्य होती जा रही है और व्यापक पहुंच बनाए रखने के लिए कई माध्यमों से किताबें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
NCERT के अनुसार, छात्रों तक किताबें पहुँचाने के लिए वे एक व्यापक विक्रेता नेटवर्क और अपने क्षेत्रीय केंद्रों में बिक्री काउंटर संचालित कर रहे हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि देशभर के विद्यार्थी बिना किसी बाधा के आवश्यक शैक्षिक सामग्री प्राप्त कर सकें।
परिषद ने इस बात पर जोर दिया है कि उनकी प्राथमिकता पाठ्यपुस्तकों की सही समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना है, जिससे पढ़ाई प्रभावित न हो। इस प्रक्रिया में, NCERT ने विभिन्न योजनाओं को लागू किया है ताकि वितरण प्रक्रिया तेज़ और प्रभावी बनी रहे। क्षेत्रीय विक्रेता और केंद्र इस पहलकदमी के तहत सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं ताकि हर छात्र तक पुस्तकें पहुँच सके।
वर्तमान में देश के कई हिस्सों में स्कूल खुल चुके हैं और ऑनलाइन तथा ऑफ़लाइन दोनों तरह की पढ़ाई जारी है। ऐसे में पाठ्यपुस्तकों की अनवरत आपूर्ति बेहद आवश्यक है। NCERT का यह प्रयास विद्यार्थियों के लिए लाभप्रद साबित हो रहा है।
शैक्षिक विशेषज्ञों का मानना है कि पाठ्यपुस्तकों की पहुंच में सुधार से शिक्षा में गुणवत्ता भी बढ़ेगी। वे कहते हैं कि जब विद्यार्थी अपनी कक्षा की सामग्री से समय पर परिचित होंगे, तब उनका सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान बेहतर होगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, NCERT की यह योजना आने वाले समय में और भी व्यापक रूप में लागू की जाएगी, ताकि शैक्षिक समानता को बढ़ावा मिले। इसके अतिरिक्त, पालकों और शिक्षकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस नेटवर्क का लाभ उठाएं और विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तक दें।
समाप्त करते हुए, NCERT ने यह भी कहा कि वे किताबों की छपाई और आपूर्ति लगातार मॉनिटर कर रहे हैं और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना मिलते ही तुरंत समाधान निकालेंगे। इससे यह उम्मीद की जा रही है कि आगामी सत्रों में पाठ्यपुस्तकों की समस्या पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी।








