वन विभाग ने किया तेंदुए का सफल रेस्क्यू, दूर जंगल में छोड़ा, ग्रामीणों को मिली राहत
रीवा- वन विभाग ने गुरुवार को तेंदूए का सफल रेस्क्यू किया है। जिससे इटमा गांव के ग्रामीणों को काफी राहत मिली है।
जानकारी के मुताबिक सिरमौर अंतर्गत ग्राम इटमा में अप्रैल महीने से पशुहानि के मामले काफी बढ़ गए थे। डीएफओ अनुपम शर्मा ने बताया कि रीवा वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। जनहानि के जोखिम को देखते हुए वन मंडल अधिकारी ने वन्यप्राणी अभिरक्षक और प्रधान मुख्य वन संरक्षक को पत्र लिखकर तेंदूए का रेस्क्यू करने के लिए अनुमति मांगी थी। जिसके बाद कार्यालय द्वारा वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 11 (1) a के अंतर्गत अनुमति जारी की गई।
अनुमति मिलने पर वन अमले ने मुकुंदपुर वन्यप्राणी विशेषज्ञ, वन परिक्षेत्र अधिकारी सिरमौर और अन्य स्टॉफ की मौजूदगी में ट्रैप केज लगाया था।
तेंदुए ने रात को ही गांव में एक और बछड़े पर भी हमला किया था। गुरुवार सुबह भूख की वजह से तेंदुआ ट्रैप केज के पास पहुंचा और ट्रैप केज में कैद हो गया। तेंदुए के ट्रैप होने की सूचना मिलते ही वन अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
जांच में पाया गया कि पिंजरे में कैद तेंदुए की उम्र 3.5 से 4 वर्ष के बीच है। जो वयस्क मादा है और पूरी तरह से स्वस्थ है।
वन्यप्राणी विशेषज्ञ और पशु चिकित्सक की मौजूदगी में केज ट्रांसफर करके शाम साढ़े 5 बजे तेंदुए को दूर जंगल में सुरक्षित छोड़ा गया।








