मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन मेडिकल कॉलेज के भूमिपूजन की घोषणा की, प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने का संकल्प
भोपाल, 17 नवम्बर 2024: मध्यप्रदेश सरकार राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ, समग्र और उन्नत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हर नागरिक को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के vision के अनुरूप, स्वस्थ नागरिकों से ही आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत होगी, और मध्यप्रदेश इस दिशा में अग्रसर है।
इस संदर्भ में एक और ऐतिहासिक कदम 21 नवम्बर 2024 को उठाया जाएगा, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन करेंगे। यह मेडिकल कॉलेज प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई दिशा देगा और विशेष रूप से उज्जैन एवं आसपास के जिलों में उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मेडिकल कॉलेज का निर्माण आगामी सिंहस्थ-2028 की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा, ताकि इस क्षेत्र में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और मरीजों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
प्रदेश में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती संख्या
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2003 तक मध्यप्रदेश में केवल 5 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 17 हो गई है। साथ ही एम.बी.बी.एस. सीटों की संख्या 720 से बढ़कर 2,575 हो गई है। इसके अलावा, राज्य में श्योपुर, सिंगरौली, मंडला और राजगढ़ जैसे क्षेत्रों में नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण हो रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि छतरपुर, दमोह और बुधनी में स्ववित्तीय अनुदान से मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं और 12 अन्य जिलों में सार्वजनिक जनभागीदारी नीति के तहत मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया भी चल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अगले कुछ वर्षों में 20 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से एम.बी.बी.एस. सीटों में 2,000 से अधिक की वृद्धि होगी। इसके साथ ही, भोपाल और ग्वालियर में अस्पतालों की बिस्तर क्षमता को 2,500 तक बढ़ाया जाएगा। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में सुपरस्पेशलिटी अस्पताल भी शुरू हो चुके हैं। इसके अलावा, जबलपुर में “स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन पल्मोनरी मेडिसिन” और इंदौर में “स्कूल ऑफ एक्सीलेंस फॉर आई” जैसी योजनाएं प्रदेश को चिकित्सा क्षेत्र में अग्रणी बना रही हैं।
नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा में बढ़ावा
राज्य सरकार नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा को भी बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 14 मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं, और वर्तमान में राज्य में 24 सरकारी नर्सिंग कॉलेज चल रहे हैं, जो जल्द ही 37 हो जाएंगे। राज्य में 250 पैरामेडिकल कॉलेजों में लगभग 25,000 छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जहां मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में प्रारंभ की गई है, जो छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
उज्जैन मेडिकल कॉलेज का विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन मेडिकल कॉलेज के निर्माण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। यह मेडिकल कॉलेज 14.97 एकड़ भूमि पर 592.3 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा, और इसमें 1 लाख 42 हजार 34 वर्ग मीटर का निर्माण क्षेत्र होगा। इसमें अत्याधुनिक सुविधाओं का प्रावधान किया गया है, जैसे कि ऊर्जा दक्षता के लिए एलईडी लाइटिंग, सौर ऊर्जा, ऊर्जा-कुशल HVAC सिस्टम और वर्षा जल संग्रहण प्रणाली। इसके अलावा, अस्पताल में 24×7 आपातकालीन सेवाएं, फार्मेसी, रेडियोलॉजी (CT, MRI, X-ray, फ्लोरोस्कोपी, अल्ट्रासाउंड), जनरल एवं सुपरस्पेशलिटी ओपीडी जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी।
550 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक अस्पताल
उज्जैन मेडिकल कॉलेज में 550 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक शिक्षण अस्पताल होगा। इसमें 70 बिस्तरों वाले ICU और CCU, 11 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, 1 कैथ लैब और 2 एंडोस्कोपी यूनिट्स की सुविधाएं होंगी। इसके अलावा, परमाणु चिकित्सा विभाग और रेडियोथेरेपी बंकर (ब्रैकीथेरेपी और CT सिम्युलेटर) जैसी उन्नत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। अस्पताल में डॉक्टरों, स्टाफ और आम जनता के लिए कैफेटेरिया की सुविधा भी होगी।
100 एम.बी.बी.एस. सीटों की प्रवेश क्षमता
उज्जैन मेडिकल कॉलेज में 100 एम.बी.बी.एस. सीटों की प्रवेश क्षमता होगी। इस कॉलेज में 4 अत्याधुनिक लेक्चर थियेटर (प्रत्येक की क्षमता 180), 2 परीक्षा हॉल (प्रत्येक की क्षमता 250) होंगे। इसके साथ ही, एक सेंट्रल लाइब्रेरी, शिक्षण और फैकल्टी क्षेत्र, प्रयोगशालाएं और कौशल प्रशिक्षण केंद्र जैसी आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। कॉलेज में 380 नर्सिंग छात्रों के लिए छात्रावास की सुविधा होगी।
यूजी और इंटर्न छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास सुविधा
उज्जैन मेडिकल कॉलेज में यूजी (अंडरग्रेजुएट) और इंटर्न छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास की सुविधा होगी। 329 यूजी और 70 इंटर्न छात्रों के लिए पुरुष छात्रावास, जबकि 286 अंडरग्रेजुएट और 58 इंटर्न छात्राओं के लिए महिला छात्रावास उपलब्ध होगा। इन छात्रावासों में स्टिल्ट पार्किंग, सामान्य कक्ष, मनोरंजन क्षेत्र और डायनिंग सुविधाएं भी होंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में सुलभ और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य को एक अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यह कदम प्रदेश को न केवल बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेगा, बल्कि इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे, जो मध्यप्रदेश के विकास को नई गति देंगे।








