जिला चिकित्सालय सीधी में अव्यवस्था पर विधायक अजय सिंह राहुल का निरीक्षण, गंभीर खामियों पर जताई चिंता
सीधी।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष और चुरहट विधायक अजय सिंह राहुल भैया ने आज जिला चिकित्सालय सीधी का आकस्मिक निरीक्षण किया। उनके औचक दौरे से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। अस्पताल के कर्मचारियों ने व्यवस्था सुधारने की कोशिश की, लेकिन तब तक अव्यवस्थाओं की पूरी पोल खुल चुकी थी।
निरीक्षण में सामने आई समस्याएं
- सफाई का अभाव: अस्पताल परिसर गंदगी से भरा हुआ था।
- ठंड से बचाव की व्यवस्था नहीं: मरीजों को कंबल तक उपलब्ध नहीं कराए गए थे।
- गलियारों में अंधेरा: अस्पताल के गलियारों में रोशनी का प्रबंध नहीं था।
- स्टाफ अनुपस्थित: आधे से ज्यादा कर्मचारी ड्यूटी से गायब थे।
- डॉक्टरों की कमी: चिकित्सकों की संख्या बेहद सीमित थी, जिससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
- सुविधाओं का अभाव: पीने के पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं तक मरीजों और उनके परिजनों को उपलब्ध नहीं थीं।

विधायक का बयान
अजय सिंह ने कहा कि जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई हुई हैं। मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं नाममात्र की हैं। उन्होंने कहा:
“सीधी जिले की चिकित्सा व्यवस्था बदहाल है। प्रदेश सरकार और जिले के जनप्रतिनिधियों को यहां की कोई चिंता नहीं है। जिला चिकित्सालय, जो आम जनता के लिए चिकित्सा का एकमात्र सहारा है, उसे निजी हाथों में देने की कोशिश हो रही है। कांग्रेस ऐसा कभी नहीं होने देगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि सीधी जिले की अधिकांश आबादी अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्गों से आती है, जिनके लिए यह चिकित्सालय इलाज का प्राथमिक साधन है। यदि इसे निजीकरण के हवाले किया गया, तो गरीबों को निःशुल्क इलाज की सुविधा से वंचित होना पड़ेगा।
कार्रवाई के निर्देश

निरीक्षण के बाद अजय सिंह ने चिकित्सालय प्रशासन को अव्यवस्थाओं को जल्द से जल्द सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ किया कि यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो इस मामले को वे प्रदेश स्तर पर उठाएंगे।
अस्पताल प्रशासन की सफाई
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि स्टाफ की कमी और बजट की समस्याओं के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। हालांकि, विधायक के निरीक्षण के बाद अव्यवस्थाओं को सुधारने का आश्वासन दिया गया है।
यह निरीक्षण स्थानीय प्रशासन और सरकार के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि जनता की बुनियादी जरूरतों पर ध्यान दिया जाए और जिला चिकित्सालय की स्थिति को प्राथमिकता के आधार पर सुधारा जाए।








