Re. No. MP-47–0010301

आखिर कहां गया “नपा के मुखिया का स्मार्टफोन”? शहर में चर्चा का बाजार गर्म

आखिर कहां गया “नपा के मुखिया का स्मार्टफोन”? शहर में चर्चा का बाजार गर्म

सीधी नगर पालिका के मुखिया  का फोन तो मानो आधुनिक राजनीति की नई गाथा लिखने निकल पड़ा है।एक अदना सा फोन, जो न सिर्फ खराब हुआ, बल्कि अब किसी गुप्त मिशन पर लगता है!

मुखिया जी का फोन नवंबर में एक मोबाइल शॉप पर मरम्मत के लिए भेजा गया, लेकिन तब से गायब है। मोबाइल शॉप संचालक इसे ऐसे सहेज कर बैठा है जैसे कोई दुर्लभ प्राचीन धरोहर। सवाल यह है कि फोन की मरम्मत में इतना समय क्यों लग रहा है? क्या फोन को “पुनर्जन्म” दिया जा रहा है?

संका है कि फोन अब किसी अज्ञात व्यक्ति के हाथों में चला गया है। यह फोन क्या कर रहा होगा? शायद किसी डाटा सेंटर में बैठा, सरकारी योजनाओं पर शोध कर रहा हो, या फिर फेसबुक पर “कौन बनेगा सीधी का अगला नेता” पोल चला रहा हो।

और यदि यह फोन राजनैतिक महफिलों में इस्तेमाल हो रहा है, तो कल्पना कीजिए—”फोन पर बज रही कॉलर ट्यून: ‘सारथी नगर के विकास का’।” शायद मोबाइल अब “अमानत में खयानत” के दायरे से निकलकर “स्मार्टफोनी-राजनीति” का हिस्सा बन चुका है।

मोबाइल शॉप का संचालक अब सुर्खियों में है। लोग पूछ रहे हैं, “भाई, फोन क्या गलती से मंगल ग्रह भेज दिया था?” संचालक को शक की निगाहों से देखा जा रहा है, जैसे उसने फोन के जरिए सारा नगर पालिका का बजट हैक कर लिया हो।

और इधर, मुखिया जी पुलिस में शिकायत कर रही हैं कि “मेरा फोन किसी और के हाथ में जाकर मेरे राजनीतिक जीवन पर खतरा बन सकता है!” सुनकर लगता है कि फोन अब केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि राजनैतिक अस्त्र बन चुका है।

आखिर में, जनता को यह सिखाने का अवसर मिल रहा है कि फोन केवल कॉल करने के लिए नहीं, बल्कि पूरे शहर की राजनीति को चलाने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। और मुखिया जी का फोन साबित करता है कि ‘फोन स्मार्ट हो या खराब, राजनीति में उसकी भूमिका हमेशा खास रहती है!’

Leave a Comment

error: Content is protected !!