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Sidhi24newsमहाकुंभ भगदड़ में 10 की मौत, आधिकारिक पुष्टि नहीं

महाकुंभ भगदड़ में 10 की मौत, आधिकारिक पुष्टि नहीं

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान बुधवार रात हुई भगदड़ में 10 श्रद्धालुओं की मौत होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इस मामले में अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। घटनास्थल पर तत्काल बचाव कार्य जारी है और घायल लोगों का इलाज किया जा रहा है।

भगदड़ की वजह

महाकुंभ के विशेष कार्याधिकारी आकांक्षा राणा ने भगदड़ के कारणों पर बयान देते हुए कहा कि संगम रूट पर कुछ बैरियर टूटने से भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इस घटना में कुछ लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है, लेकिन स्थिति को गंभीर नहीं बताया गया।

अखाड़ों का स्नान रद्द

इस घटना के बाद अखाड़ों के संतों और महंतों ने आम श्रद्धालुओं के साथ स्नान करने का निर्णय लिया और अखाड़ों का अमृत स्नान रद्द कर दिया। यह कदम श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया था।

धर्माचार्यों के बयान

हादसे के बाद आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने बयान दिया कि मौनी अमावस्या के स्नान के लिए संगम घाट पर अत्यधिक भीड़ थी, इसलिए उन्होंने वहां स्नान नहीं करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि गंगा और यमुना की धारा में अमृत बह रहा है और श्रद्धालु किसी भी स्थान पर स्नान कर सकते हैं, यह आवश्यक नहीं कि केवल संगम में ही डुबकी लगानी चाहिए।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का अपील

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद उन्होंने और उनके साथियों ने जनहित में निर्णय लिया कि वे आज के स्नान में भाग नहीं लेंगे। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे बसंत पंचमी के दिन स्नान के लिए आएं। उनका मानना था कि यह घटना इसलिए हुई क्योंकि श्रद्धालु संगम घाट पर पहुंचना चाहते थे, जबकि वे गंगा के किसी भी स्थान पर स्नान कर सकते थे।

स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज का बयान

निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने भी इस घटना के संदर्भ में बयान दिया। उन्होंने कहा कि सभी अखाड़ों ने आज का स्नान रोकने का निर्णय लिया है और बसंत पंचमी को स्नान करेंगे।

महाकुंभ के आयोजन में हुए इस हादसे के बाद सुरक्षा की स्थिति को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन की ओर से तुरंत कार्रवाई की गई, लेकिन श्रद्धालुओं को सुरक्षा के लिहाज से अधिक सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।

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