स्वास्थ्य व्यवस्था पर लटके ताले, भटकते रहे मरीज, प्रशासन बेखबर
सीधी, मध्य प्रदेश, 10 फरवरी 2025: मध्य प्रदेश के सीधी जिले के आदिवासी अंचल सिहावल ब्लॉक स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पोखरा में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हो चुकी हैं। कहने को तो यहां एक चिकित्सक सहित कुल 5 स्टाफ सदस्य पदस्थ हैं, लेकिन मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा। अस्पताल स्टाफ की मनमानी का आलम यह है कि सुबह 11 बजे आने वाले कर्मचारी महज 2 बजे ही अपनी ड्यूटी खत्म कर चले जाते हैं। इससे हजारों की आबादी वाले इस क्षेत्र के मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रसूता को समय पर इलाज नहीं मिला, करना पड़ा इंतजार
ग्राम बिलारो निवासी प्रियंका यादव को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को फोन किया। जब एंबुलेंस सुबह 7 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पोखरा पहुंची, तो वहां अस्पताल बंद मिला। मरीज को जल्द इलाज की जरूरत थी, लेकिन आधे घंटे तक इंतजार करने के बावजूद कोई भी ड्यूटी स्टाफ अस्पताल नहीं पहुंचा। मजबूरन एंबुलेंस को मरीज को नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहरी ले जाना पड़ा।
प्रशासन की लापरवाही बनी जानलेवा
यह पहली घटना नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, पोखरा स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की मनमानी और गैरहाजिरी आम हो गई है। मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलतीं, जिससे कई बार गंभीर हालात पैदा हो जाते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को बार-बार शिकायत देने के बावजूद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
गनीमत रही कि मां और बच्चा सुरक्षित
मरीज और एंबुलेंस चालक ने बताया कि अगर सही समय पर इलाज नहीं मिलता, तो गंभीर स्थिति पैदा हो सकती थी। हालांकि, फिलहाल महिला ने सुरक्षित प्रसव कर लिया है और मां-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
प्रशासन से मांग: सुधार हो या कार्रवाई
ग्रामीणों ने प्रशासन से स्वास्थ्य केंद्र की लचर व्यवस्था को सुधारने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो किसी दिन यह लापरवाही किसी की जान भी ले सकती है।








