Re. No. MP-47–0010301

रीवा में चिकित्सा चमत्कार: कटे हाथ को जोड़ डॉक्टरों ने रचा इतिहास, उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने दी बधाई

रीवा में चिकित्सा चमत्कार: कटे हाथ को जोड़ डॉक्टरों ने रचा इतिहास, उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने दी बधाई

रीवा: संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय के डॉक्टरों ने चिकित्सा जगत में एक मिसाल कायम करते हुए कटे हुए हाथ को पुनः जोड़ने की जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। रीवा मेडिकल कॉलेज के प्लास्टिक सर्जन डॉ. अजय पाठक एवं उनकी टीम ने लगभग 6 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद 28 वर्षीय अनिल साकेत का हाथ पुनः जोड़ दिया।

कैसे हुआ हादसा?

ग्राम सलैया, जिला सीधी निवासी अनिल साकेत लकड़ी काटने की मशीन पर काम कर रहे थे, तभी उनका बायां हाथ कलाई से पूरी तरह अलग हो गया। परिजनों ने तुरंत प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रीवा के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय रेफर किया, जहां सुबह 9:30 बजे उन्हें भर्ती कर लिया गया।

6 घंटे की सर्जरी ने बदल दी जिंदगी

मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉ. अजय पाठक के नेतृत्व में रीवा मेडिकल कॉलेज की टीम ने तुरंत सर्जरी करने का निर्णय लिया। लगभग 6 घंटे चली इस जटिल शल्यक्रिया में डॉक्टरों ने नसों, धमनियों, हड्डियों और मांसपेशियों को पुनः जोड़ने का काम किया।

इस सर्जरी में इन विशेषज्ञों का विशेष योगदान रहा:

  • डॉ. अजय पाठक (प्लास्टिक सर्जन)
  • डॉ. बी.बी. सिंह (अस्थि रोग विशेषज्ञ)
  • डॉ. अरविंद राठिया (निश्चेतना विशेषज्ञ)
  • डॉ. आशुतोष (सहायक चिकित्सक)

उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने दी बधाई

इस चिकित्सा उपलब्धि की सराहना करते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा:
“रीवा मेडिकल कॉलेज की टीम ने असाधारण कार्य कर दिखाया है। डॉ. अजय पाठक एवं उनकी टीम को इस सफलता के लिए बधाई। आपकी कार्यक्षमता से प्रदेश की जनता लाभान्वित हो रही है एवं उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर रही है।”

रीवा बना चिकित्सा क्षेत्र में अग्रणी

इस ऑपरेशन की सफलता ने रीवा को चिकित्सा जगत में नई पहचान दिलाई है। संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह ऑपरेशन प्रदेश में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक बड़ा कदम है।

फिलहाल मरीज की स्थिति स्थिर

मरीज अनिल साकेत फिलहाल स्थिर हैं और डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है। हाथ की कार्यक्षमता लौटाने के लिए उन्हें लंबी फिजियोथेरेपी से गुजरना होगा।

रीवा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने यह साबित कर दिया कि यदि समय पर उचित चिकित्सा सुविधा मिले, तो असंभव लगने वाली सर्जरी भी सफल हो सकती है। यह ऑपरेशन न केवल मरीज और उनके परिवार के लिए राहत है, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में रीवा की प्रतिष्ठा को भी एक नया आयाम देता है।

Advertisement

Leave a Comment

error: Content is protected !!