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सीधी:सड़क हादसे में घायल बच्ची को इलाज के लिए भटकना पड़ा, डॉक्टरों की गैरमौजूदगी पर CMHO ने जताई नाराजगी

सीधी:सड़क हादसे में घायल बच्ची को इलाज के लिए भटकना पड़ा, डॉक्टरों की गैरमौजूदगी पर CMHO ने जताई नाराजगी

सीधी, 20 मार्च 2025 – सीधी जिले के सेमरिया क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का मामला सामने आया है। देवगढ़ गांव में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 6 वर्षीय अंशिका कुशवाहा को समय पर उपचार नहीं मिल सका। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सेमरिया में डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण बच्ची लगभग दो घंटे तक तड़पती रही, लेकिन कोई चिकित्सक उपलब्ध नहीं था।

CMHO के निरीक्षण के बाद शुरू हुआ उपचार

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. बबीता खरे के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान यह लापरवाही उजागर हुई। उन्होंने तत्काल बच्ची के इलाज की प्रक्रिया शुरू कराई और गंभीर हालात को देखते हुए उसे सीधी जिला अस्पताल रेफर किया।

CBMO पर लगाए आरोप

निरीक्षण के दौरान CMHO ने ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (CBMO) डॉ. आरके वर्मा की कार्यशैली पर सवाल उठाए। स्थानीय लोगों और मरीजों का आरोप है कि डॉ. वर्मा मरीजों को सही उपचार देने से बचते हैं और रेफर करने का बहाना बनाते हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल

स्थानीय निवासियों ने बताया कि CHC सेमरिया में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और लापरवाही आम हो चुकी है। मरीजों को सामान्य बीमारियों के लिए भी इधर-उधर भटकना पड़ता है। गंभीर रूप से घायल अंशिका को भी रेफर करने की बात कही गई, लेकिन समय पर उपचार न मिलने से उसकी हालत और बिगड़ गई।

CMHO ने दी कार्रवाई की चेतावनी

CMHO डॉ. बबीता खरे ने अस्पताल में फैली अव्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताई और लापरवाह डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए। उन्होंने कहा,
“स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की अनदेखी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी डॉक्टर अपने कर्तव्यों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

स्थानीय लोगों में आक्रोश

इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत पर ध्यान देना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

इस मामले ने सीधी जिले की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था को उजागर कर दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन लापरवाह डॉक्टरों पर क्या कार्रवाई करता है और भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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