सीधी:एसबी खरे फिर बने सिविल सर्जन, न्यायालय की टिप्पणी के बाद शासन ने दी बहाली
सीधी, 17 अप्रैल 2025। मध्यप्रदेश शासन ने एक बार फिर डॉ. सरकार बहादुर खरे को सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला सीधी के पद पर पदस्थ करने का आदेश जारी किया है। यह फैसला माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के स्पष्ट निर्देशों के पालन में लिया गया है।
डॉ. खरे की नियुक्ति को लेकर पिछले कुछ समय से कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर उठापटक चल रही थी। 30 अगस्त 2023 को उनकी पदोन्नति को निरस्त करते हुए शासन द्वारा आदेश जारी किया गया था, जिसे बाद में उच्च न्यायालय ने 20 जनवरी 2025 को खारिज कर दिया। अदालत ने इस निर्णय को मनमाना बताते हुए मामले की दोबारा समीक्षा करने का आदेश दिया था।

उच्च न्यायालय की टिप्पणी:
न्यायालय ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया कि राज्य शासन द्वारा पदोन्नति निरस्त करने का निर्णय उचित प्रक्रिया और तथ्यात्मक आधार पर नहीं था। न्यायालय ने राज्य शासन को निर्देशित किया कि वह मामले की पुनः समीक्षा कर चार सप्ताह के भीतर नया आदेश पारित करे।
शासन का आदेश:
16 अप्रैल 2025 को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा आदेश क्रमांक 0656/0308/2025 के अंतर्गत स्पष्ट किया गया कि पूर्व आदेश दिनांक 30.08.2023 को निरस्त किया जाता है और न्यायालय के निर्देशानुसार डॉ. खरे को उनके मूल पद सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक के रूप में सीधी जिला में पुनः पदस्थ किया जाता है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।
क्या बोले सूत्र:
सूत्रों के अनुसार डॉ. खरे की नियुक्ति को लेकर पहले कुछ प्रशासनिक आपत्तियाँ थीं, लेकिन न्यायालय के हस्तक्षेप और शासन के नए निर्देश के बाद अब स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। डॉ. खरे को चिकित्सा क्षेत्र में लंबा अनुभव है और उन्होंने पूर्व में भी अस्पताल प्रशासन में उल्लेखनीय कार्य किया है।
जनहित की उम्मीद:
डॉ. खरे की वापसी से जिला सीधी में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को बेहतर बनाने की उम्मीद की जा रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने इस फैसले का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि डॉ. खरे की अगुवाई में अस्पताल सेवाएं और अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी होंगी।








