थाना परिसर बना करुणा का केंद्र, सरई थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह भदौरिया की अनूठी पहल
✍️ रिपोर्ट – बिहारी लाल गुप्ता
सरई (सिंगरौली)। आमतौर पर थाने को कठोर अनुशासन, सख्त रवैये और अपराध नियंत्रण से जोड़ा जाता है, लेकिन सिंगरौली जिले के सरई थाना ने इन धारणाओं को पीछे छोड़ते हुए एक नई मिसाल कायम की है। थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह भदौरिया की संवेदनशील सोच और मानवीय दृष्टिकोण से प्रेरित यह पहल थाने को करुणा और सेवा का केंद्र बना रही है।
सरई थाना परिसर में इन दिनों एक सुखद और मानवीय दृश्य देखने को मिल रहा है। यहां मूक पशुओं के लिए जल की समुचित व्यवस्था की गई है। थाना परिसर में सीमेंट के हौद, जल पात्र और छायादार वृक्षों के नीचे रखे मिट्टी के घड़े यह संकेत दे रहे हैं कि सेवा केवल इंसानों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
थाना प्रभारी श्री भदौरिया ने न केवल गौवंश एवं अन्य पशुओं के लिए पेयजल की व्यवस्था की है, बल्कि फरियादियों और आम नागरिकों के लिए भी मिट्टी के घड़ों में स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई है। यह छोटी सी पहल एक गहरी सोच और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ मानवीय मूल्यों के समन्वय को दर्शाती है।
यह पहल ऐसे समय में आई है जब बढ़ते शहरीकरण और गर्मी के मौसम में जल की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। सरई थाना द्वारा की गई यह व्यवस्था न केवल पशुप्रेम और पर्यावरण संरक्षण की मिसाल है, बल्कि समाज में विश्वास और सकारात्मक संदेश देने वाली एक प्रभावशाली शुरुआत भी है।
प्रदेश के अन्य थानों को भी यह प्रेरणा लेनी चाहिए कि प्रशासनिक कार्यों के साथ करुणा और संवेदना को जोड़कर कैसे एक जागरूक और समावेशी समाज की ओर कदम बढ़ाया जा सकता है।








