Sidhi:पत्रकारों की आवाज़ सरकार तक: श्रमजीवी पत्रकार संघ ने 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा
सीधी जिले में श्रमिक दिवस पर पत्रकारों ने एकजुटता दिखाते हुए कलेक्टर प्रतिनिधि को सौंपा ज्ञापन
सीधी (मध्यप्रदेश)।
श्रमिक दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की जिला इकाई सीधी ने पत्रकार हितों की रक्षा और अधिकारों की मांग को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की। प्रदेशाध्यक्ष श्री शलभ भदौरिया के निर्देशानुसार, 1 मई को पत्रकारों ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन कलेक्टर प्रतिनिधि एसडीएम गोपद बनास श्री नीलेश शर्मा को सौंपा।

वीथिका भवन से उठी पत्रकार एकता की गूंज
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार जिले भर के पत्रकार साथी वीथिका भवन में एकत्र हुए। वहां से नारेबाज़ी करते हुए जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। “पत्रकार एकता ज़िंदाबाद”, “पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करो” जैसे गगनभेदी नारों ने माहौल को आंदोलित कर दिया।

मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया 21 सूत्रीय ज्ञापन

ज्ञापन में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, स्थायी मानदेय, चिकित्सा और बीमा सुविधा, प्रेस क्लब व पत्रकार भवन की स्थापना, ग्रामीण पत्रकारों के लिए विशेष सहयोग, अधिमान्यता प्रक्रिया में पारदर्शिता, फील्ड रिपोर्टर्स को तकनीकी सहायता जैसे अहम मुद्दे शामिल थे। संघ का कहना है कि इन मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ तो आंदोलनात्मक रणनीति अपनाई जाएगी।
संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपते समय संभागीय महासचिव आदित्य सिंह, जिलाध्यक्ष हरीश मिश्रा सहित प्रमुख रूप से अमित सिंह, रजनीश तिवारी, अजय मिश्रा, रजनीश वेदांती, संतोष तिवारी, वीरेन्द्र तिवारी, जितेन्द्र सिंह, सुभाष तिवारी, राजकुमार जायसवाल, आदर्श गौतम, धीरेश मिश्रा, मझौली ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद सिंह परिहार, प्रवेश शुक्ला, रवि पाण्डेय, दीपक द्विवेदी, राम प्रकाश कुशवाहा समेत अनेक पत्रकार साथी उपस्थित रहे।
पत्रकारों के हक़ के लिए संघर्ष जारी रहेगा
इस अवसर पर संभागीय महासचिव आदित्य सिंह ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं, लेकिन आज वे स्वयं असुरक्षित हैं। सरकार को पत्रकारों की समस्याएं सुननी होंगी। जिलाध्यक्ष हरीश मिश्रा ने कहा कि यह ज्ञापन केवल शुरुआत है, अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो संघर्ष और तेज किया जाएगा।








