सीधी में आउटसोर्स भर्ती घोटाले पर कलेक्टर की सख्ती – पूरी प्रक्रिया निरस्त, दोषियों पर विभागीय व आपराधिक कार्यवाही की तैयारी
सीधी।
जिले में स्वास्थ्य विभाग की आउटसोर्स भर्ती प्रक्रिया पर बड़ा फैसला लेते हुए कलेक्टर श्री स्वरोचिष सोमवंशी ने वर्ष 2024 की संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है। यह निर्णय प्रभारी मंत्री के माध्यम से मिली शिकायतों के आधार पर की गई जांच रिपोर्ट आने के बाद लिया गया।
भ्रष्टाचार से दूषित पाई गई भर्ती प्रक्रिया
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत की अध्यक्षता में गठित जांच दल ने आउटसोर्स भर्ती (डाटा एंट्री ऑपरेटर, वाहन चालक, मल्टी टास्क ग्रुप-डी वर्कर और भृत्य) की संपूर्ण प्रक्रिया की समीक्षा की। जांच प्रतिवेदन (दिनांक 11 अगस्त 2025) में स्पष्ट हुआ कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सीधी द्वारा कराई गई भर्ती पूरी तरह से दूषित व अपारदर्शी है। कलेक्टर ने बताया कि इस भर्ती पर उनका कोई अनुमोदन नहीं था, इसलिए जारी सभी कार्यादेश रद्द कर दिए गए हैं।
दोषियों पर गिरेगी गाज
जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने दोषी पाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों पर विभागीय जांच संस्थित करने के निर्देश दिए हैं। इनमें—
- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला सीधी
- सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला सीधी
- डॉ. रामभूषण पटेल, चिकित्सा अधिकारी, पीएचसी अमिलिया
- डॉ. श्रिया त्रिपाठी, चिकित्सा अधिकारी, पीएचसी बंजारी
- प्रभारी स्थापना लिपिक
साथ ही सेडमैप से नामांकित सदस्य—
- हरिओम शरण सोनी, जिला समन्वयक रीवा/सीधी
- अशोक त्रिपाठी, जिला समन्वयक सिंगरौली
- रवि वर्मा, जिला समन्वयक शहडोल
के खिलाफ भी कार्यवाही की अनुशंसा की गई है। इनके विरुद्ध सेडमैप को अपने स्तर से कार्यवाही करने और आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की भी सिफारिश की गई है।
अगली जांच होगी और गहन
कलेक्टर ने कहा है कि अन्य शिकायत बिंदुओं की जांच के लिए भी पृथक जिला स्तरीय जांच दल गठित किया जाएगा।
प्रशासन की सख्ती का संदेश
इस निर्णय से स्पष्ट हो गया है कि प्रशासन आउटसोर्स भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगा। पूरे जिले में इस कार्रवाई को कलेक्टर की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में देखा जा रहा है।








