Re. No. MP-47–0010301

सीधी:मिश्रा नर्सिंग होम का आवेदन खारिज, मूल अभिलेखों में पाई गई गंभीर कमियां

एआरटी क्लीनिक लेवल-2 आवेदन में दस्तावेज़ों की गड़बड़ी, कलेक्टर ने किया निरस्त
मिश्रा नर्सिंग होम का आवेदन खारिज, मूल अभिलेखों में पाई गई गंभीर कमियां

सीधी।
एआरटी (सहायता प्राप्त जननीय प्रौद्योगिकी) क्लीनिक लेवल-2 के लिए प्रस्तुत आवेदन में दस्तावेज़ों की स्पष्ट भिन्नता सामने आने पर जिला प्रशासन ने कठोर रुख अपनाया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी स्वरोचिष सोमवंशी ने मिश्रा नर्सिंग होम एंड डायग्नोस्टिक फाउंडेशन, सीधी के द्वारा प्रस्तुत आवेदन क्रमांक MP/AC/2022/12090 को निरस्त कर दिया है।

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बबीता खरे ने बताया कि संस्थान के संचालक डॉ. अनूप मिश्रा द्वारा प्रस्तुत आवेदन में दर्ज जानकारी और सत्यापन के दौरान प्रस्तुत मूल अभिलेखों में महत्वपूर्ण अंतर पाया गया। जांच में दस्तावेज़ों की यह विसंगति गंभीर मानी गई, जिसके बाद कलेक्टर द्वारा आवेदन रद्द करने का निर्णय लिया गया।

डॉ. खरे ने बताया कि एआरटी एवं सरोगेसी से संबंधित कार्यवाही सहायता प्राप्त जननीय प्रौद्योगिकी (विनियमन) अधिनियम, 2021 तथा संशोधित अधिनियम 2022 के नियमों के तहत की जाती है। नियम 7 के अनुसार, यदि संस्था नया आवेदन प्रस्तुत करती है, तो पहले से जमा की गई आवेदन शुल्क को मान्य माना जाएगा।

उन्होंने बताया कि संस्थान ने 9 दिसंबर 2025 को कलेक्टर एवं जिला एआरटी प्राधिकारी के समक्ष मूल अभिलेख प्रस्तुत किए, लेकिन आवेदन में वर्णित एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. दीपक कुमार शर्मा के पंजीयन प्रमाण पत्र की मूल प्रति प्रस्तुत नहीं की गई। यह आवेदन की सबसे बड़ी कमी रही, जिसके कारण आवेदन को नियम अनुसार निरस्त कर दिया गया।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एआरटी क्लीनिक जैसे संवेदनशील स्वास्थ्य संस्थानों के लिए दस्तावेज़ों की सत्यता और विशेषज्ञों की वैध पंजीयन जानकारी अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की त्रुटि या भिन्नता पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

यह निर्णय जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और नियमन को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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