मोहन कैबिनेट के विस्तार की अटकलें तेज, 3–4 मंत्रियों की कुर्सी पर संकट
भोपाल। मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, नए साल की शुरुआत में कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इसके लिए सभी मंत्रियों के कामकाज की विस्तृत परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जो फैसले का आधार बनेगी।
बताया जा रहा है कि बीते दो वर्षों के प्रदर्शन के मूल्यांकन में कुछ मंत्रियों को बेहतर अंक मिले हैं, जबकि कुछ का प्रदर्शन कमजोर माना गया है। कमजोर परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों को कैबिनेट से बाहर किया जा सकता है, वहीं अच्छा काम करने वालों की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक तीन से चार मंत्रियों की छुट्टी संभव है, जबकि नए और सक्रिय चेहरों को मौका दिया जा सकता है।
वर्तमान में 31 सदस्यीय मंत्रिमंडल में चार पद रिक्त हैं। इन्हें भरने के साथ क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने पर भी जोर है। चर्चा है कि वरिष्ठ विधायकों के साथ दो महिला विधायकों को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुख्यमंत्री की मुलाकात के बाद इन अटकलों को और बल मिला है।
कैबिनेट फेरबदल के साथ संगठनात्मक बदलाव के भी संकेत हैं। कुछ मंत्रियों को संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है। कुल मिलाकर, मोहन यादव सरकार 2026 से पहले बड़ा राजनीतिक संदेश देने की तैयारी में है, जिसमें परफॉर्मेंस और संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी।








