महर्षि विघा मन्दिर जोगीपुर में मनाया गया विश्व ध्यान दिवस
सीधी-विगत दिवस महर्षि विद्या मंदिर जोगीपुर में विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें प्राचार्य अतुल वर्मा बताया कि ने ध्यान एक साधारण मगर बहुत शक्तिशाली मानसिक स्वास्थ्य अभ्यास है जिसमें व्यक्ति के भीतर रूपान्तरकारी परिवर्तन होते हैं जो सहनशीलता, भावनाओं के केन्द्रों और सन्तुलन निर्माण में हमारी सहायता करते हैं। ध्यान, व्यक्ति के सम्पूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए, एक ऐसा शक्तिशाली उपाय है जो हर व्यक्ति स्वयं कर सकते हैं और जो विशेष रूप से चिन्ता, अवसाद जैसी अवस्थाओं में बहुत राहत पहुँचाता है। हर दिन कुछ मिनट के लिए ध्यान का अभ्यास करने से, शान्ति व एकाग्रता हासिल करने में मदद मिल सकती है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षक कृष्ण कुमार त्रिपाठी ने कहा कि क्रोध और इच्छा के बारे में बात की. ‘‘ये दो भावनाएँ आपके मस्तिष्क को स्थिर नहीं होने देती हैं. यहाँ तक कि ये दो भावनाएँ आपको सही तरीक़े से नीन्द भी नहीं लेने देती हैं.‘‘ ध्यान और श्वास प्रक्रिया पर ज़ोर देने से, इन दोनों अवरोधक भावनाओं से राहत मिल सकती है। इसके पश्चात् सभी छात्रों व शिक्षकों ने सामूहिक रूप से भावतीत ध्यान का अभ्यास किया गया।








