Re. No. MP-47–0010301

मोहन सरकार ने बदली मध्यप्रदेश की भौगोलिक पहचान, 70 से अधिक स्थानों के नाम परिवर्तित

मोहन सरकार ने बदली मध्यप्रदेश की भौगोलिक पहचान, 70 से अधिक स्थानों के नाम परिवर्तित

भोपाल– वर्ष 2025 मध्यप्रदेश के प्रशासनिक इतिहास में स्थानों के नाम परिवर्तन के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के 70 से अधिक गांवों, कस्बों और शहरों के नाम बदलने के निर्णय लिए। इन नाम परिवर्तनों के आदेश वर्ष भर अलग-अलग चरणों में जारी किए गए।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, नाम परिवर्तन की प्रक्रिया वर्ष की शुरुआत में ही शुरू हो गई थी। जनवरी 2025 में उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र में तीन गांवों के नाम बदलने की घोषणा की गई। गजनीखेड़ी का नाम चामुंडा महानगरी, मौलाना का नाम विक्रम नगर और जहांगीरपुर का नाम जगदीशपुर किया गया।

इसके बाद फरवरी माह में शाजापुर जिले के कालापीपल क्षेत्र में 11 गांवों के नाम बदले गए। इनमें निपनिया हिसामुद्दीन का नाम निपनिया देव, ढाबला हुसैनपुर का नाम ढाबला राम, मोहम्मदपुर पवाड़िया का नाम रामपुर पवाड़िया, खजूरी अल्लाहादाद का नाम खजूरी राम और हाजीपुर का नाम हीरापुर किया गया।

नाम परिवर्तन की सबसे बड़ी सूची देवास जिले से सामने आई, जहां मुख्यमंत्री द्वारा पिपलरावां क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 54 गांवों के नाम बदलने की घोषणा की गई। इन गांवों के नाम स्थानीय परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के अनुरूप संशोधित किए गए।

राज्य की राजधानी भोपाल में भी फंदा क्षेत्र का नाम बदलकर हरिहर नगर करने का निर्णय लिया गया। वहीं विदिशा जिले के गंजबासौदा शहर को वासुदेव नगर नाम देने की घोषणा की गई। बैतूल जिले के प्रसिद्ध धार्मिक नगर मुलताई को उसके प्राचीन नाम मूलतापी से पुनः संबोधित करने का निर्णय भी सरकार द्वारा लिया गया।

इसके अतिरिक्त अलीराजपुर जिले के नाम में भी संशोधन किया गया। गृह मंत्रालय से अनापत्ति प्राप्त होने के बाद जिले का नाम आधिकारिक रूप से ‘आलीराजपुर’ कर दिया गया, जिसकी अधिसूचना अगस्त 2025 में जारी की गई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि नाम परिवर्तन का उद्देश्य किसी वर्ग विशेष को लक्ष्य करना नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक पहचान और स्थानीय जनभावनाओं का सम्मान करना है। हालांकि कुछ स्थानों पर इन निर्णयों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस भी देखने को मिली, लेकिन सरकार ने इसे जनहित और सांस्कृतिक पुनर्स्थापना से जुड़ा कदम बताया है।

राजस्व विभाग के अनुसार, नाम परिवर्तन से संबंधित सभी रिकॉर्ड, शासकीय दस्तावेज और राजस्व अभिलेख चरणबद्ध तरीके से अपडेट किए जा रहे हैं, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

Leave a Comment

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!