नए साल में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, एम. सेलवेंद्रन बनेंगे मध्यप्रदेश के प्रमुख सचिव, कई अफसरों को पदोन्नति तो कुछ की रुकी
भोपाल- नए वर्ष 2026 की शुरुआत मध्यप्रदेश प्रशासन के लिए बड़े बदलावों के साथ होने जा रही है। 2002 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एम. सेलवेंद्रन को 1 जनवरी 2026 से राज्य का प्रमुख सचिव नियुक्त किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा यह निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्वीकृति के बाद लिया गया है।
एम. सेलवेंद्रन लंबे समय से प्रमुख सचिव पद की पात्रता रखते थे, लेकिन केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा निर्धारित सेवा अवधि पूरी होने के बाद अब उनकी पदोन्नति का रास्ता साफ हुआ है। उनके प्रमुख सचिव बनने से प्रशासनिक स्तर पर अनुभव और स्थिरता आने की उम्मीद जताई जा रही है।
कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को मिलेगा प्रमोशन
प्रशासनिक फेरबदल के तहत 2010 बैच के कई आईएएस अधिकारियों को सचिव पद पर पदोन्नति दी जाएगी। इनमें उज्जैन में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी आशीष सिंह, आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल और भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह जैसे नाम शामिल हैं। वहीं 2013 बैच के अधिकारियों को अतिरिक्त सचिव स्तर पर पदोन्नत किया जाएगा।
इसके अलावा जनसंपर्क आयुक्त, खाद्य आयुक्त, स्वास्थ्य आयुक्त, कोष एवं लेखा विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा ऊर्जा विभाग से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी उच्च पदों पर पदोन्नति दी जाएगी। संबंधित आदेश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे।
इन अधिकारियों की पदोन्नति पर लगी रोक
हालांकि इस प्रक्रिया में कुछ अधिकारियों की पदोन्नति फिलहाल रोक दी गई है। सचिव और अपर सचिव स्तर पर संतोष वर्मा, तरुण भटनागर, अनुराग चौधरी, ऋषि गर्ग और पवन जैन की पदोन्नति विभिन्न कारणों से स्थगित कर दी गई है। इनमें कुछ अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच या अन्य प्रशासनिक कारण बताए जा रहे हैं।
पुलिस महकमे में भी होंगे बड़े बदलाव
आईपीएस संवर्ग में भी नए साल से बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। एडीजी आजाक आशुतोष राय को स्पेशल डीजी पद पर पदोन्नत किया जाएगा, जबकि जबलपुर के आईजी प्रमोद वर्मा को एडीजी बनाया जाएगा। इसके अलावा कई डीआईजी अधिकारियों को आईजी तथा जिलों में पदस्थ 16 पुलिस अधीक्षकों को डीआईजी पद पर पदोन्नति दी जाएगी।
प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगी नई दिशा
राज्य सरकार का मानना है कि इस व्यापक पदोन्नति प्रक्रिया से प्रशासनिक कार्यप्रणाली को नई गति मिलेगी। नए साल के साथ अनुभव और युवा अधिकारियों का बेहतर समन्वय शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाएगा। सभी पदोन्नति आदेश 1 जनवरी 2026 से प्रभावशील होंगे।








