मध्य प्रदेश में पेंशनर्स को बहुत बड़ी राहत, मोहन सरकार 1 अप्रैल से कर रही 2 बड़े बदलाव…
भोपाल: मध्य प्रदेश के पेंशन धारकों को अब पेंशन से जुड़ी समस्या के लिए पेंशन कार्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे. प्रदेश के साढ़े 4 लाख पेंशन धारकों को राहत देने के लिए राज्य सरकार 1 अप्रैल 2026 से बड़ा बदलाव करने जा रही है. राज्य सरकार ने पेंशनर्स की समस्याओं को खत्म करने और पारदर्शिता लाने 2 अहम बदलाव करने का फैसला कर दिया है. यह फैसला अगले माह से अमल में आ जाएंगे. इसके तहत पेंशन से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को सेंट्रलाइज किया जा रहा है, दूसरा अब पूरी प्रक्रिया एसबीआई के माध्यम से होगी. इससे उन्हें बड़ा फायदा होने जा रहा है.
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अब यह होगी नई व्यवस्था
एमपी में पेंशनर्स के भुगतान संबंधी सभी प्रक्रिया अब भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से ही होगी. राज्य सरकार ने एसबीआई को एग्रीगेटर बैंक के रूप में नियुक्ति किया है. 1 अप्रैल 2026 से एसबीआई इसको लेकर कार्रवाई शुरू कर देगा. इससे रिटायर्ड कर्मचारियों की परेशानियां कम होंगी. दरअसल, अभी तक राज्य सरकार भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से पेंशनर्स की राशि को टांसफर करती है, जो अलग-अलग 11 नेशनल बैंकों में पहुंचती है,
पेंशनर्स को क्या होगा फायदा
अब तक पेंशनर्स को वो ही बैंक में अपना अकाउंट रखना पड़ता था, जिसमें उनका सैलरी अकाउंट होता था, लेकिन अब पेंशनर्स अपनी सुविधा के हिसाब से किसी भी बैंक में अपना अकाउंट खुलवा सकते हैं और उसे पेंशन के लिए लिंक करा सकेंगे. पेंशनर्स को हर साल बैंक जाकर अपना लाइफ सर्टिफिकेट जमा कराना पड़ता है, लेकिन अब वे घर बैठे ही ऑनलाइन इस प्रक्रिया को पूरा कर सकेंगे.
पेंशन प्रोसेस के लिए नहीं लगाना होंगे चक्कर
अब राज्य सरकार ने प्रदेश भर के सभी जिला पेंशन कार्यालय को बंद करने का निर्णय लिया है, हालांकि संभागीय पेंशन कार्यालय चलते रहेंगे. राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि अब कर्मचारी के रिटायर्ड होने के 6 माह पहले ही कर्मचारी के पेंशन और ग्रेच्युटी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. यह प्रक्रिया सेंट्रलाइज रहेगी यानी कर्मचारी को पता नहीं होगा कि पेंशन का निर्धारण के लिए फाइल किस अधिकारी के पास है. यह भी हो सकता है कि भोपाल के कर्मचारी की फाइल नही लौटेगी। https://sidhi24news.in/archives/28573







