महदेईया और गोदवाली कोल यार्ड से लग रहा कोल माइंस को महीने में करोड़ का चूना
संदीप श्रीवास्तव।
सिंगरौली। कोयला माफिया व सफेदपोशाकधारियों की मिलीभगत से महदेईया और गोंदवाली कोल यार्ड में बेखौफ कोयले में मिलावट का खेल चल रहा है। इस पूरे मामले में पुलिस विभाग अनजान बना हुआ है परन्तु कोयले की मिलावट के काले कारोबार की चर्चा अब आम जनों द्वारा की जा रही है
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के महदेईया और गोदवाली कोलयार्ड में कोयला माफियाओ और सफेद पोशधारियों के गठजोड़ से प्रत्येक महीने कोयले में मिलावट कर करोड़ो का चूना लगाकर मालामाल हो रहें है। बताया जाता है कि जिस कंपनी को रैक लोडिंग द्वारा कोयला भेजा जा रहा है, उसमे कोयले की डस्ट और ओबी का पत्थर मिलाकर भेजा जा रहा है। जानकारों की माने तो ओबी का वह मलबा है जों कोयला खदान में कोयला के ऊपरी सतह का कोयलानुमा पत्थर निकालकर डंप कर दिया जाता है। जिसे ट्रांसपोर्टर और कोयला माफियाओ के गठजोड़ खरीददार फर्म को कोयले में मिलावट कर भेजनें का काला कारोबार कर रहे है और बेहतर क्वालिटी का कोयला बनारस या अन्यत्र भेज कर काली कमाई कर रहें है.सूत्रों की माने तो बरगवा क्षेत्र के गोदवाली और गोरबी क्षेत्र के महदेईया के कोलयार्ड में रैक लोडिंग के दौरान कोयले में मिलावटखोरी के कारोबार को सरेआम देखा जा सकता है। फिर भी जिम्मेदारों के कानों में अब तक जूं तक नहीं रेंग रही है।
बताया जाता है कि कोयले में मिलावटखोरी के कारोबार में पहले कोल माफिया और ट्रांसपोर्टर की ही जुगलबंदी थी लेकिन अब सफेदपोशधारी का भी गठजोड़ हो गया है, जों प्रशासन के डंडे से भी बचाने का ठेका भी सिर पर उठा लिया है।
जिससे एक कहावत सिद्ध होती है कि जब सैंया भए कोतवाल तो अब डर काहे का।








