लंबित प्रकरणों के निपटान में लापरवाही पर नौ तहसीलदार को नोटिस, वेतन से होगी कटौती
भोपाल- राजधानी में राजस्व से जुड़े हुए प्रकरणों का निराकरण करने के लिए एक तरफ अभियान चलाया जा रहा है। वहीं इसकी लगातार निगरानी भी की जा रही है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं। इसके बावजूद राजस्व अधिकारी लोक सेवा गारंटी से जुड़े लंबित प्रकरणों के निपटान में लापरवाही बरत रहे हैं। अब यह लापरवाही राजस्व अधिकारियों पर भारी पड़ने वाली है। दरअसल कलेक्टर ने गुरुवार को ऐसे नौ तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को नोटिस दिए गए हैं। कई तहसीलदारों ने एक से अधिक प्रकरणों में समय सीमा में काम नहीं किया है। जवाब मिलने के बाद इन तहसीलदारों से ढाई सौ रुपए प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना वसूला जा सकता है। इसकी कटौती उनके वेतन से होगी।
बता दें कि संभागायुक्त डा. पवन शर्मा के निरीक्षण के बाद कलेक्टर कई बार तहसील दफ्तरों में जाकर नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा सहित अन्य प्रकरणों को समयसीमा में निपटाने की हिदायत दे चुके हैं। जिसके बाद तहसीलों में कुछ प्रकरण निपटाए भी गए हैं। लेकिन अधिकतर तहसीलदार केसों को निपटाने के नाम पर खारिज कर रहे हैं। इधर टाइम लिमिट में काम नहीं करने पर गुरुवार को कलेक्टर ने कोलार तहसीलदार कुणाल राउत, मुकेश राज गोविंदपुरा, दिलीप चौरसिया हुजूर, सुनील वर्मा एमपी नगर, करुणा दंडोतिया टीटी नगर और एनएस परमार बैरागढ़ को नोटिस दिया है। इसी तरह नायब तहसीलदार हुजूर लोकेश चौहान, अतुल शर्मा कोलार, अनुराग त्रिपाठी टीटी नगर को नोटिस देकर जवाब मांगा है।








