Bjp के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री सहित 8 के खिलाफ लोकायुक्त में मामला दर्ज
जबलपुर-पूर्व मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता पारस जैन, PWD के तीन इंजीनियर और सांख्यिकी अधिकारी समेत आठ के खिलाफ लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। लोकायुक्त ने पद के दुरुपयोग के मामले में कार्रवाई की है।जैन पर आरोप है कि पाड्याखेड़ी में पत्नी के नाम खरीदी 15 बीघा जमीन के पास नाला दर्शा कर उसके आसपास सरकारी राशि का उपयोग कर दीवार बना दी। इससे सरकार को एक करोड़ 52 लाख रुपए चुकाने पड़े। इसी मामले में 44 लाख रुपए और मंजूर करवा लिए। पारस जैन पर शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने का भी आरोप है।
लोकायुक्त निरीक्षक बसंत श्रीवास्तव ने बताया कि तत्कालीन विधायक पारस जैन ने नाले के पास दीवार बनाने के लिए 2020-2021 में 89.18 लाख रुपए विधायक निधि से स्वीकृत किए थे। इससे 75 मीटर दीवार बनाई गई।
इसके बाद 80 मीटर दीवार निर्माण के लिए 99 लाख 90 हजार रुपए फिर स्वीकृत किए। इसके लिए निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी को बनाने के संबंध में तत्कालीन कलेक्टर से अनुशंसा की।
पूर्व विधायक ने 2023-2024 में मिले आवंटन में से इसी नाले पर बने पुल की 30.50 मीटर बाउंड्री वॉल के निर्माण के लिए 44.76 लाख रुपए स्वीकृत किए। इसका काम भी PWD को सौंपे जाने के लिए कलेक्टर से अनुशंसा की। हालांकि इस राशि से अभी काम किया जाना बाकी है।
कलेक्टर कार्यालय में (योजना एवं सांख्यिकी) ने लोक निर्माण विभाग को काम सौंप दिया।
लोकायुक्त निरीक्षक ने बताया कि जांच में पाया कि नाले की दीवार निर्माण से सार्वजनिक हित नहीं जुड़ा था। पारस जैन ने दीवार अपनी जमीन पर बनाई। खुद के फायदे के लिए दीवार की ऊंचाई ज्यादा कर दी गई। इसमें निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी और सांख्यिकी अधिकारी ने पूरा सहयोग किया।
पूर्व विधायक ने पद का दुरुपयोग कर विधायक निधि की 1 करोड़ 53 लाख का काम निजी हित में किया। इससे सरकार को भी आर्थिक क्षति पहुंची है।
ये अधिकारी भी बनाए गए आरोपी
लोकायुक्त ने तत्कालीन विधायक पारस चंद्र जैन, PWD के तत्कालीन अधीक्षण यंत्री राजेन्द्र कुमार जैन, तत्कालीन ईई जीपी पटेल, कार्यपालन यंत्री गौतम अहिरवार, अनुविभागीय अधिकारी संदीप बेनीवाल, PWD के उपयंत्री शरद त्रिपाठी व एक अन्य पर केस दर्ज किया गया है। इनके अलावा जिला सांख्यिकी अधिकारी डॉ. राजश्री सांकले पर भी मामला दर्ज किया है।








