Re. No. MP-47–0010301

आचार संहिता लगने के पहले शुरू होगी जीपीएस आधारित टोल प्रणाली: गडकरी

आचार संहिता लगने के पहले शुरू होगी जीपीएस आधारित टोल प्रणाली: गडकरी

नई दिल्ली- केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि लोकसभा के आगामी चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने के पहले देश में सेटेलाइट आधारित टोल प्रणाली की शुरुआत हो जाएगी।

जल्द शुरू होगा सेटेलाइट सिस्टम

राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में गडकरी ने कहा कि हम संसद को आश्वस्त करना चाहते हैं कि टोल प्रणाली को लेकर दुनिया की सबसे अच्छी तकनीक मानी जाने वाली सेटेलाइट आधारित प्रणाली जल्द ही शुरू कर दी जाएगी। टोल नाके हटा दिए जाएंगे। इससे लोगों को कहीं भी रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नंबर प्लेट की फोटो से टोल वसूली कर ली जाएगी।यह प्रणाली हाईवे या एक्सप्रेस को जितना इस्तेमाल किया गया, इस पर आधारित होगी। यानी आप जहां से किसी सड़क में प्रवेश करते हैं और जहां से बाहर निकलते हैं, केवल उतने खंड का टोल आपको देना होगा। यह टोल वाहन चालक के बैंक अकाउंट से स्वत: कट जाएगा।

टोल प्लाजा से छह-सात किलोमीटर दूर होने चाहिए शहर

माना जा रहा कि लोकसभा के लिए चुनाव आचार संहिता मार्च के पहले सप्ताह में लागू हो जाएगा। गडकरी ने कहा कि संप्रग सरकार में कुछ इस तरह के ठेके दे दिए गए थे कि शहर से एकदम सटे हुए इलाकों में टोल प्लाजा बना दिए गए हैं। उन्हें हम हटा नहीं पा रहे हैं, क्योंकि ठेकेदार हर्जाना मांग रहे हैं। यह नहीं होना चाहिए था। किसी भी शहर में हजारों लोगों का रोज आना-जाना होता है।
टोल प्लाजा शहर से छह-सात किलोमीटर दूर होने चाहिए। गडकरी ने कहा कि ऐसे मामलों में हम केवल ठेके की अवधि समाप्त होने का इंतजार कर सकते हैं। हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे अगले साल तैयार हो जाएगाएक अन्य सवाल के जवाब में गडकरी ने कहा कि धर्म स्थलों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के क्रम में हेमकुंड साहिब पर रोपवे परियोजना का अगले माह शिलान्यास होने की उम्मीद है।

हेमकुंड साहिब को लेकर कही ये बात

उन्होंने हेमकुंड साहिब तक बेहतर सड़क की मांग के संदर्भ में कहा कि यहां सड़क से बेहतर रोपवे का विकल्प है। अगले साल इस परियोजना का पूरा किया जा सकता है। गडकरी ने कहा कि फास्टैग से टोल वसूली ने लोगों को सुगम सफर की अनुभूति कराई है। फास्टैग से टोल वसूली 49 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। फास्टैग से टोल वसूली 98 प्रतिशत से अधिक हो गई है। रोज का संग्रह 170 से 200 करोड़ के बीच है।

Leave a Comment

error: Content is protected !!