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कलेक्टर ने दिखाई सख्ती10 तहसीलदारों समेत 12 अधिकारियों पर  जुर्माना

कलेक्टर ने दिखाई सख्ती10 तहसीलदारों समेत 12 अधिकारियों पर  जुर्माना

श्योपुर। मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010 के तहत समयसीमा में नागरिकों के आवेदनों का निराकरण न करने पर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने सख्त कार्रवाई करते हुए 12 राजस्व अधिकारियों सहित 48 ग्राम पंचायत सचिवों पर जुर्माना लगाया है। इस कार्रवाई के तहत कुल ₹56,250 की वसूली के आदेश दिए गए हैं।

राजस्व अधिकारियों पर ₹29,000 का जुर्माना

कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, 10 तहसीलदारों एवं दो अन्य अधिकारियों पर कुल ₹29,000 का जुर्माना लगाया गया है। इनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

  • तहसीलदार विजयपुर, नायब तहसीलदार रघुनाथपुर और गसवानी, प्रभारी रिकार्डरूम व नकल शाखा (कलेक्टर कार्यालय) – ₹5,000-₹5,000 का जुर्माना
  • तहसीलदार कराहल – ₹1,000 जुर्माना
  • तहसीलदार श्योपुर, तहसीलदार वीरपुर, नायब तहसीलदार पाण्डोला, पहेला, प्रेमसर, गोरस – ₹500-₹500 का जुर्माना

ग्राम पंचायत सचिवों पर ₹27,250 का जुर्माना

लोक सेवा गारंटी के तहत आवेदन निराकरण में देरी के लिए 48 ग्राम पंचायत सचिवों को भी उत्तरदायी ठहराते हुए विभिन्न राशि का जुर्माना लगाया गया। इसमें:

  • ग्राम पंचायत हासिलपुर (श्योपुर) – ₹1,750
  • हीरापुर (कराहल) – ₹1,000
  • गोहर, रिझेठा, गुरनावदा, सेमल्दा, सोंठवा, कराहल सहित अन्य – ₹750 या ₹500-₹500

अधिकांश सचिवों को ₹500-₹750 तक का दंडित किया गया है, जिसमें श्योपुर, कराहल और विजयपुर विकासखंड की पंचायतें शामिल हैं।

जुर्माना नहीं भरने पर वेतन से वसूली

कलेक्टर वर्मा ने आदेश में स्पष्ट किया है कि निर्धारित सात दिवस की अवधि में जुर्माना राशि जमा नहीं किए जाने पर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन से राशि वसूल की जाएगी।

यह कार्रवाई सरकारी सेवाओं में जवाबदेही बढ़ाने तथा आमजन को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

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