होटल ‘गंगा पैलेस’ की बड़ी लापरवाही: शाकाहारी खाने में मिला मांस, किचन में मिली गंदगी और एक्सपायरी मसाले; लाइसेंस होगा रद्द
CM हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद खाद्य विभाग का छापा, वेज और नॉनवेज एक ही फ्रिज में रखने पर भड़के अधिकारी
सीधी | शहर के प्रतिष्ठित कहे जाने वाले होटल ‘गंगा पैलेस’ में खाद्य सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा विभाग के संभागीय उड़नदस्ते ने स्थानीय टीम के साथ मिलकर होटल में छापामार कार्रवाई की। जांच के दौरान होटल के किचन में न केवल भारी गंदगी मिली, बल्कि शाकाहारी और मांसाहारी भोजन को एक साथ रखने जैसी गंभीर लापरवाही भी उजागर हुई। प्रशासन ने होटल का लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश करते हुए संचालक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
एक ही बर्तन में पक रहा था वेज और नॉनवेज
खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिनेश लोधी ने बताया कि आयुक्त खाद्य सुरक्षा मध्य प्रदेश (भोपाल) के निर्देश पर यह औचक निरीक्षण किया गया था। जांच के दौरान टीम उस समय दंग रह गई जब होटल के फ्रिज में कच्चा मांस और शाकाहारी खाद्य पदार्थ एक साथ रखे पाए गए। नियमों के मुताबिक, शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के लिए अलग-अलग स्टोरेज और अलग-अलग बर्तनों का होना अनिवार्य है, लेकिन होटल गंगा पैलेस में एक ही बर्तनों का उपयोग दोनों तरह के भोजन बनाने के लिए किया जा रहा था। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि शाकाहारी ग्राहकों की भावनाओं के साथ सीधा खिलवाड़ भी है।
CM हेल्पलाइन की शिकायत ने खोली पोल
यह पूरी कार्रवाई एक पीड़ित ग्राहक की शिकायत पर आधारित थी। दरअसल, एक ग्राहक ने होटल में शाकाहारी भोजन का ऑर्डर दिया था, लेकिन उसे परोसे गए खाने में मांसाहारी अंश मिले। ग्राहक ने इसकी शिकायत CM हेल्पलाइन पर दर्ज कराई थी। इसी शिकायत की जांच करने जब टीम पहुंची, तो वहां गंदगी और एक्सपायरी डेट के मसालों का भंडार मिला। टीम ने मौके पर ही एक्सपायरी मसालों को जब्त कर नष्ट करवाया।
लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा, संचालक पर केस
होटल के किचन और स्टोर रूम की स्थिति अत्यंत दयनीय पाई गई। चारों तरफ गंदगी और अस्वास्थ्यकर वातावरण में भोजन तैयार किया जा रहा था। इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए उड़नदस्ता टीम ने होटल गंगा पैलेस का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित करने की अनुशंसा वरिष्ठ कार्यालय को भेजी है। होटल के संचालक अरुण सिंह के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।








