तेंदुआ ने किया बछड़े का शिकार, पीड़ित परिवार ने प्रशासन से लगाई मुआवजे की गुहार
सीधी।
संजय टाइगर रिजर्व के बफर जोन अंतर्गत ग्राम पंचायत कोडार में जंगली जानवरों की सक्रियता एक बार फिर सामने आई है। यहां देर रात एक तेंदुए ने घर के पास बंधे गाय के बछड़े का शिकार कर लिया, जिससे पीड़ित परिवार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है, वहीं पीड़ित परिवार ने वन विभाग से शीघ्र मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कोडार निवासी पवन कुमार पनिका पिता जगदेव प्रसाद पनिका ने अपने घर के पास गाय के बछड़े को बांध रखा था। देर रात अचानक तेंदुआ आबादी क्षेत्र में घुस आया और बछड़े पर हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया। सुबह घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों ने मौके पर पहुंचकर देखा तो बछड़ा मृत अवस्था में पड़ा था।
घटना की सूचना स्थानीय स्तर पर वन विभाग को दी गई, जिसके बाद वन अमले द्वारा मौके का निरीक्षण किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि संजय टाइगर रिजर्व से सटे वनांचल क्षेत्रों में तेंदुए सहित अन्य जंगली जानवरों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। इससे पूर्व भी क्षेत्र में कई बार मवेशियों का शिकार हो चुका है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि मवेशी ही उनके जीवन-यापन का प्रमुख साधन हैं। जंगली जानवरों द्वारा किए गए शिकार से उन्हें आर्थिक रूप से भारी नुकसान झेलना पड़ता है। वन विभाग के निर्देशों का पालन करते हुए ग्रामीण जंगली जानवरों को नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन पशुओं के मारे जाने से उनका परिवार गहरे सदमे में आ जाता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग द्वारा त्वरित सर्वे कर पीड़ित को शासन की मुआवजा नीति के तहत उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि परिवार को राहत मिल सके। साथ ही, आबादी क्षेत्र के आसपास गश्त बढ़ाने और जंगली जानवरों की आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
इस घटना ने एक बार फिर वनांचल क्षेत्रों में मानव और वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। ऐसे में ग्रामीणों को राहत देने और उनकी आजीविका की सुरक्षा के लिए समयबद्ध मुआवजा और ठोस सुरक्षा उपाय बेहद आवश्यक माने जा रहे हैं।








