इंदौर- एमपी के इंदौर जिले से एक बड़ा मामला सामने आया है जहां शहर के अरविंदो अस्पताल में एक मरीज को इलाज के लिए भर्ती कराया गया था और ईलाज के दौरान हुई मौत के बाद मर्चुरी से शव को सुपुर्द करते हुए एक चूक सामने आई। जिसके चलते अस्पताल में जमकर विवाद देखने को मिला है। इस दौरान जब मृत व्यक्ति के परिजन आए तो उन्हें उनके मृतक का शव ही नहीं मिला और जो शव को देखा वो उनका न होकर किसी और का निकला। मामले की जानकारी मिलते ही नज़दीकी थाने की पुलिस सहित थाना प्रभारी अस्पताल पहुंचे। इसके बाद मामले को शांत कराया गया।
दरअसल इंदौर के पास रहने वाले 26 साल के गुलाब छाडीया को अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उनकी शनिवार को देर रात मौत हो गई। वहीं रात में मौत होने के कारण उनके परिजनों ने शव को न ले जाकर अस्पताल के मर्चुरी रूम के फ्रीजर में रखवा दिया था। वहीं रविवार सुबह परिजन अस्पताल में मृतक के शव को लेने पहुंचे। जहां शव मर्चुरी से गायब था। परिजनों ने इसके बाद प्रबंधन पर कई आरोप लगाए।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शव का लगाया पता
पुलिस के अधिकारियो को परिजनों द्वारा सभी तरह के कागजात और मृतक गुलाब के एडमिट करने से लेकर और मर्चुरी के फ्रीजर में रखने के सभी कागज दिखाए। पुलिस ने इस मामले को लेकर प्रबंधन से बात की। जिसके बाद जानकारी लगी की गुलाब का शव बड़वाह से आए किसी मरीज के परिजन को दे दिया गया। वहीं पुलिस ने मामले की गम्भीरता को समझते हुए कुछ ही घंटो के अंदर लापता शव वापस बुलवाया गया ओर बदली हुई शव की सही परिजनों को सौप दिया गया।









