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Sidhi awara pashu news:जिले में आवारा पशुओं का तांडव, दिख रही किसानों के माथे पर चिंता की लकीर…

Sidhi awara pashu news:जिले में आवारा पशुओं का तांडव, दिख रही किसानों के माथे पर चिंता की लकीर…

सीधी-बीते कुछ समय से आवारा पशुओं की समस्याएं निरंतर बढ़ती ही जा रही हैं एक और जहां उनके द्वारा यातायात आम जन जीवन को प्रभावित किया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर किसान भी अब इसे बेहद परेशान है आवारा पशुओं के झुंड के झुंड किसानों के खेत में पहुंच रहे हैं और उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं जिसके चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहराती जा रही है।

बता दे कि जिले के शहरी क्षेत्र के साथ साथ अब गांवों में भी बड़ी तादाद में आवारा पशुओं की संख्या में इजाफा होने से किसानों की फसलों को नुकसान हो रहा है जिससे किसानो में चिंता और रोष है। आवारा पशुओं को खेतों में घुसने से रोकने के लिए किसानों को दिन-रात पहरा देना पड़ रहा है। समृद्ध किसानों द्वारा खेत में तार की बाड लगवा दी गई है जबकि निर्धन और सामान्य किसान पहरा देते देखे जा रहे हैं। पशुओं का झुंड खेतों को बेहद नुकसान पहुंचा रहे हैं,ये जानवर जिस भी खेत में घुस जाते है वहां खड़ी फसल को रोंद कर नष्ट कर देते है। यह देखकर किसान लाठी लेकर आवारा पशुओं को बहुत दूर तक खदेड़ रहे है। मगर फिर भी दूसरे किसान इन्हें खेतों में आते देख वापस लौटा देते है। इन पर ना तो गोशाला संचालकों का ध्यान है और ना ही इस ओर सरकार कोई ठोस कदम उठा रही है।

किसानों कि माने तो रात को खेतों में आवारा पशुओं का झुंड आता है ओर खड़ी फसल को खाने के साथ ही पैरों से रोंद कर चला जाता है। सुरक्षा के लिए खेत के चारों ओर तारों की बाड़ लगा रखी है लेकिन पशुओं के झुंड तारों की बाड़ को लांघकर खेतों में घुस जाते है। किसान जब तक खेत में पहुंचते है तब तक पशुओं का झुंड जिस खेत में घुस जाता है वहां की फसल को पूरी तरह नष्ट देता है।

किसानों का कहना है कि अगर जल्द इन आवारा पशुओं की समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया तो किसानों के लिए अपनी फसलें बचा पाना संभव नहीं होगा। सीधी शहर व आसपास के क्षेत्रों सहित सड़कों पर भी बड़ी संख्या में आवारा पशु डेरा जमाए रहते है। सड़क के बीचोबीच इन पशुओं की धमा-चौकड़ी के कारण कई बार इन्हें बचाने के चक्कर में दुपहिया वाहन चालक घायल भी हो जाते है। कई बार तो बाजारों में खरीदारी करने आए लोग आवारा पशुओं से बचने के लिए इधर-उधर भागते नजर आते है। सरकार द्वारा भले ही गौशालाएं बनवाकर कोरमा पूर्ति कर दी गई हो लेकिन इनका उपयोग कहीं नहीं हो रहा है लाखों की गौशालाएं बनकर तैयार है लेकिन सही प्रबंधन के अभाव में यहां जानवरो की जगह ताले लटकते देखे जाते हैं और आवारा पशु सड़क खेत और बाजार में तांडव करते देखे जा रहे हैं।

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