नेशनल लोक अदालत में हुआ 1991 प्रकरणों का निराकरण
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के मार्गदर्शन में नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन हुआ
सीधी_राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री संजीव कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में दिनांक 09 दिसंबर 2023 को जिला न्यायालय सीधी एवं सिविल न्यायालय चुरहट, रामपुर नैकिन तथा मझौली में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजीव कुमार पाण्डेय, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री बृजेन्द्र सिंह एवं अन्य न्यायाधीशगण द्वारा जिला न्यायालय परिसर में दीप प्रज्वलन कर किया गया। नेशनल लोक अदालत के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच समझौते के आधार पर निराकरण हो जाता है जिसके बाद दोनों पक्षों में आपसी वैमनस्यता समाप्त हो जाती है। श्री पाण्डेय कहा कि सभी के सहयोग से काम होता है, तो सफलता अवश्य मिलती है। श्री पाण्डेय ने अधिवक्तागण से प्रकरणों का जल्दी निराकरण करने की अपील की एवं अभिभाषकगण से सहयोग की अपेक्षा की।

विशेष न्यायाधीश श्री प्रशांत कुमार निगम ने अपने उद्बोधन में कहा कि सभी के सहयोग से राजीनामा होने पर समय की बचत होती है। श्री निगम ने नेशनल लोक अदालत में सभी से सहयोग की अपेक्षा की है। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री बृजेन्द्र सिंह ने कहा कि यह लोक अदालत इस वर्ष की अंतिम लोक अदालत है और लोक अदालत को सफल बनाने में वकीलों का अहम योगदान रहा है। वकीलों में तन्मयता विदित है उसके लिए बधाई दी। समझौता एक ऐसा विकल्प है जिसमें आगे होने वाले विवाद समाप्त हो जाते है तथा यह एक स्वच्छ समाज की कल्पना के लिए ये एक अच्छा माध्यम है। श्री सिंह ने अभिभाषकगण को अंतिम समय तक लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों का निराकरण करने हेतु बल दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती कविता दीप खरे ने नेशनल लोक अदालत के बारे में विस्तार से बताया तथा यह भी बताया कि लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों का निपटारा आसानी से एवं जल्दी हो जाता है। जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री सिद्धार्थ शुक्ला ने शुभारंभ कार्यक्रम में उपस्थित हुये समस्त अतिथियों का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती कविता दीप खरे सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश श्री प्रशांत कुमार निगम, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री सुधीर सिंह चौहान, प्रथम जिला न्यायाधीश श्री मुकेश कुमार, द्वितीय जिला न्यायाधीश श्री राजेश कुमार श्रीवास्तव, चतुर्थ जिला न्यायाधीश श्री गौतम कुमार गुजरे, तृतीय अतिरिक्त जिला न्यायाधीश सुश्री उर्मिला यादव, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती कविता दीप खरे, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री पुष्पक पाठक, न्यायाधीशगण सर्वश्री, लवकेश सिंह, श्रीमती शोभना मीणा, श्रीमती रेनू श्रीवास्तव, सुश्री सोनम रघुवंशी, अभिषेक साहू, अनिरूद्ध कुमार उचाड़िया, प्रशांत पाण्डेय, निशांत बसोया, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री बृजेन्द्र सिंह बघेल तथा अधिवक्तागण श्री विद्याकांत मिश्रा, श्री राजेन्द्र सिंह परिहार सहित अन्य अधिवक्तागण तथा विद्युत विभाग, बैंक एवं नगरीय निकाय के प्रशासनिक अधिकारीगण, प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के सदस्य एवं जिला न्यायालय तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री सिद्धार्थ शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण हेतु जिला मुख्यालय सीधी में 14 खण्डपीठें, व्यवहार न्यायालय चुरहट में 03, मझौली में 02 व रामपुर नैकिन में 02 खंडपीठे गठित की जाकर कुल 21 न्यायिक खण्डपीठें गठित की गई थी। नेशनल लोक अदालत में समझौता योग्य आपराधिक, सिविल, विद्युत अधिनियम, श्रम, मोटर दुर्घटना दावा, निगोशियेबल इस्ट्रूमेन्ट एक्ट के अन्तर्गत चेक बाउंस प्रकरण, कुटुम्ब न्यायालय तथा, नगर पालिका के जलकर से संबंधित प्रकरणों के सहित विद्युत वितरण कम्पनी, समस्त बैंकों के ऋण वसूली मुकदमा पूर्व प्री-लिटिगेशन के प्रकरण इस लोक अदालत में निपटारे हेतु रखे गये।

सीधी, चुरहट, रामपुर नैकिन एवं मझौली में आयोजित हुई नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लम्बित कुल 8052 प्रकरण निराकरण हेतु रखे गये जिनमें 714 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। इसी प्रकार कुल 3099 प्री-लिटिगेशन प्रकरण निराकरण हेतु रखे गये जिनमें 1277 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। इस प्रकार नेशनल लोक अदालत में कुल 1991 प्रकरणों का निराकरण हुआ। मोटर दुर्घटना दावा के अन्तर्गत 46 क्लेम प्रकरण निराकृत किये गये जिसमें पक्षकारों को तेहत्तर लाख सैंतालीस हजार दो सौ चालीस रूपये की क्षतिपूर्ति राशि प्राप्त हुई। विद्युत अधिनियम से संबंधित एवं न्यायालय में लंबित 76 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें बारह लाख नब्बे हजार नौ सौ त्रेसठ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ तथा विद्युत के 935 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया जिसमें सोलह लाख बाहात्तर हजार रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। नेशनल लोक अदालत में चौंसठ लाख अठारह हजार निन्यानवे रूपये के चेक बाउंस के 36 प्रकरणों का निराकरण किया गया। नेशनल लोक अदालत में 318 आपराधिक राजीनामा योग्य प्रकरणों, 05 वैवाहिक प्रकरणों, 32 सिविल प्रकरणों तथा 201 अन्य प्रकरणों का निराकरण सफलतापूर्वक किया गया। नेशनल लोक अदालत में बैंक वसूली के 80 प्रीलिटिगेशन जिसमें विभिन्न बैंकों को पैंसठ लाख चैहत्तर हजार तीन सौ छियानवे रूपये की राशि प्राप्त हुई। नगरीय निकाय के अन्तर्गत, जलकर कर के 233 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें नगरीय निकायों को दो लाख अड़तालीस हजार एक सौ पनचानवे रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ।








