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Sidhi panchayat news:करगिल पंचायत में सरपंच एवं सचिव द्वारा की गई अनियमितता की नहीं हो रही जांच

Sidhi panchayat news:करगिल पंचायत में सरपंच एवं सचिव द्वारा की गई अनियमितता की नहीं हो रही जांच
सोलर लाइट के नाम पर भी हुआ लम्बा घोटाला, निर्माण कार्य के नाम पर किया गया फजीवाड़ा

सीधी- जनपद पंचायत सीधी अंतर्गत ग्राम पंचायत करगिल में सरपंच एवं सचिव द्वारा भारी वित्तीय अनियमितता की शिकायतें सामने आई हैं। पंचायत में निर्माण कार्य सहित सोलर लाइट के नाम पर भी लम्बा घोटाला किया गया है। इसके बाद भी जांच के नाम पर कोई पहल न होना समझ से परे मानी जा सकती है। हालात यह है कि कही न कहीं विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से यह बड़ा घोटाला पंचायत के अंतर्गत किया जा रहा है। शिकायतें भी की गई फिर भी कार्यवाही न होना कलेक्टर एवं जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही मानी जा सकती है।
बताया गया है कि करगिल ग्राम पंचायत में सरपंच एवं सचिव द्वारा मनमानी तरीके से पंचायत की राशि 15वां वित्त और मनरेगा का कार्य बिना किए राशि का आहरण किया जा रहा है। साथ ही जो कार्य कराए गए उसमें भी भ्रष्टाचार काफी हुआ है। वहीं सोलर लाइट के नाम पर 10 नग ग्राम पंचायत में लगाई गई वह भी निजी घरों में लगाई गई है सार्वजनिक जगहों में लगाना उचित नहीं समझा गया। एक सोलर लाइट की कीमत करीब 27 हजार रूपए मानी जा रही है। जिसमें कुछ चिन्हित स्थानों में लगाने केे अलावा शेष राशि डकार ली गई है। इसके साथ ही रमेश कोल के घर के पास मनरेगा के तहत डबरी निर्माण स्वीकृत थे, 19/09/2023 के बाद भी कार्य प्रारंभ नहीं किया गया और मजदूरी के नाम का पैसा खाते में डालकर निकाला जा रहा है। उनके राशि का आहरण किया गया साथ ही फारेस्ट की भूमि में वाटर शेड द्वारा आज से 20 वर्ष पहले तालाब निर्माण हो चुका है इसके बाद 7 दिसम्बर 2023 को भूमि पूजन किया गया और कार्य प्रारंभ नहीं किया गया। मनरेगा में मजदूरों को काम न दिलाने सहित जेसीबी मशीन से रातोरात काम कराए जाने की भी शिकायतें मिली है। जंगल विभाग में इसकी सूचना भी दी गई थी लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किया गया। दिखावे के लिए पुलिस आई परन्तु तब तक वाहन को बाहर खड़ा कर दिया गया।

पुलिया निर्माण में भी किया गया है फर्जीवाड़ा
ग्राम पंचायत करगिल में पीसीसी सड़क निर्माण सहित 15वां वित्त में दो पुलिया, दो-दो लाख रूपए का स्वीकृत हुआ था। दोनों पुलियों में सरपंच एवं सचिव द्वारा 20-20 हजार रूपए आहरण किया गया जो की अभी भी पुलिया का कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। इसके साथ ही ग्राम पंचायत में भारी अनियमितता की गई है जिसकी शिकायतें भी कलेक्टर तक पहुंच चुकी है। ग्राम पंचायत के उप सरपंच कौशल रजक सहित कई पंचों ने लिखित शिकायत देते हुए कलेक्टर को आवेदन देने के बाद मांग किए हैं कि भ्रष्टाचार में लिप्त सचिव को तत्काल हटाया जाय साथ ही सरपंच के खिलाफ भी कार्यवाही की जाय।

सचिव जहां भी रहे वहीं हुआ भ्रष्टाचार
करगिल में पदस्थ सचिव इन्द्रकुमार सिंह इन्दू जहां भी पदस्थ रहे हैं वहीं भ्रष्टाचार को पनाह देने में वह कोई कसर नहीं छोड़े हैं। उनके द्वारा हर पंचायतों में भ्रष्टाचार किया गया था जिस वजह से उनके खिलाफ कार्यवाही भी की जा चुकी है। लेकिन फिर से वह सचिव बने उनके द्वारा भ्रष्टाचार का जामा पहनाने में वह कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। नियम विरूद्ध काम को करने में उनकी काफी शिकायतें पहले भी थी अब भी सुनने को मिल रहा है। ऐसे में सचिव को निलंबित करने की जरूरत है। अन्यथा भाजपा सरकार की छवि को सचिव इन्दू सिंह चौहान धूमिल करने में कोई कसर नहंी छोड़ रहे हैं। इसके पहले पनवार बघेलान पंचायत में थे अभी भी है लेकिन अतिरिक्त प्रभार एक माह पहले करगिल में मिला है। पनवार बघेलान पंचायत में तो भ्रष्टाचार की हद पार हा गई है अब करगिल में भी भ्रष्टाचार करना सचिव द्वारा शुरू कर दिया गया है। मालुम हो कि गवन के आरोप पर इन पर कार्यवाही पहले भी हो चुकी थी इसके बाद सचिव का प्रभार मिलने के बाद जहां-जहां भी यह पदस्थ रहे हैं वहा-वहा भ्रष्टाचार एवं कमीशनखोरी में काफी कम नहीं देखे जा रहे हैं। अब यही हालत करगिल पंचायत में भी देखने को मिल रही है। ऐसे भ्रष्टाचार सचिव इन्द्रकुमार को पनवार बघेलान में सचिव के बाद करगिल में अतिरिक्त प्रभार देना कितना उचित है अब विधायक रीती पाठक ऐसे लोगों पर कार्यवाही करेगी यह उम्मीद मानी जा सकती है।

भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर कलेक्टर से की गई शिकायत : शैलेन्द्र
करगिल पंचायत के समाजसेवी शैलेन्द्र तिवारी ने बताया कि पूरे भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर कलेक्टर को शिकायत की गई है जिसमें कि सरपंच एवं सचिव द्वारा की गई मनमानी को लेकर आवेदन दिया गया। यहां भ्रष्टाचार की काफी शिकायतें हैं, सरपंच मुन्ना साकेत तो नाम मात्र के बने हैं लेकिन पूरा काम सचिव इन्दू सिंह चौहान द्वारा ही किया जा रहा है। जिस वजह से भ्रष्टाचार जोरो पर है।

बिना टेंडर सोलर लाइट का किया गया है काम
जनपद पंचायतों में शासन के आदेश है कि सोलर प्लांट का काम टेंडर के आधार पर होना चाहिए इसके लिए समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी होने के बाद यह काम होना चाहिए लेकिन सीधी जनपद अंतर्गत कई ग्राम पंचायतों में विज्ञापन जारी न होने के बाद भी सोलर प्लांट का काम होना पाया जा रहा है। ऐसे में कही न कहीं धांधलेबाजी भी कम नहीं है। यही मामला करगिल पंचायत में भी सुनने को मिल रहा है जिसमें कि इस पंचायत अंतर्गत 10 सोलर प्लांट की स्वीकृति मिली भी लेकिन वह कहां लगी यह भी पता नहीं है। इस मामले में करगिल निवासी मनोज पाण्डेय ने कहा कि हमारे यहां मंदिर में सोलर प्लांट की मांग किए थे लेकिन आज तक नहीं लग पाई है। चिन्हित लोगों को लाभ देने के लिए इस तरह का फायदा उठाने वाले लोगों पर कार्यवाही होनी चाहिए।

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