सीधी बस स्टैंड में अव्यवस्था का आलम करोड़ों की बिल्डिंग बनी शोपीस
चारों ओर गंदगी का अंबार, बिल्डिंग में जारी है नशाखोरी

सीधी- करोड़ों की लागत से निर्मित सीधी जिले का नया बस स्टैंड अव्यवस्थाओं के चंगुल में है खाने को तो सर्व सुविधा युक्त बिल्डिंग बना दी गई है लेकिन देखरेख के अभाव में यह उपयोग विहीन है, यहां ना तो यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है ना ही पीने के पानी की बिल्डिंग में निर्मित प्रसाधन ताले से जड़ा हुआ है और तो और जगह-जगह नशेड़ियों के निशान भी कायम है।

जी हां बता दें कि करोड़ों रुपए की लागत से निर्मित सीधी जिले का नवीन बस स्टैंड डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतर्राज्यीय बस स्टैण्ड कहने को तो अंतर्राज्यीय स्तर का है लेकिन यहां सुविधाएं बद से बत्तर हैं यहां चारों ओर गंदगी का आलम है जहां यात्रियों के बैठने की व्यवस्था की गई है वहां पर जगह-जगह गोबर और कचरा पड़ा हुआ है यत्र तत्र पानी गिरा हुआ है कुल मिलाकर बैठने लायक स्थान है ही नहीं।
पीने के लिए नहीं है पानी,टायलेट में ताला

नवीन निर्मित बस स्टैंड भवन की बिल्डिंग में पीने के पानी के लिए स्थान तो चिन्हित किया गया है लेकिन उन नलो की टोटियों से पानी ही नहीं आता मजबूरन बस स्टैंड में आने वाले लोगों को पानी की बोतल खरीद कर अपनी प्यास बुझानी पड़ती है इसके साथ ही बिल्डिंग के साथ निर्मित पब्लिक टॉयलेट शुरू नहीं हो पाया है इनमें ताले लटके हुए हैं जिसके चलते लोगों को सुलभ शौचालय की सरण लेनी पड़ती है।
नशेडियो का बना अड्डा, जगह जगह कोरेक्स और शराब कि बोतलें

नवीन बस स्टैंड बनने के बाद से ही अव्यवस्थाओं के चंगुल में है यहां पर जगह-जगह कोरेक्स और शराब की बोतल एवं डिस्पोजल गिलास पड़ी हुई है दीवारों पर पान पान गुटके के दाग बुरी तरह से जमे हुए हैं बस ऑपरेटर और ड्राइवरो की माने तो शाम होते ही यहां पर सामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है जगह-जगह बैठकर कोरेक्स और शराब पी जाती है और आने जाने वाले यात्रियों को इससे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
बस स्टैंड में सुरक्षा के नहीं है इंतजाम आए दिन होती है चोरियां

बस स्टैंड में यात्री बसों के चालकों द्वारा बताया गया कि यहां पर सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं है शाम होते ही सामाजिक तत्व यहां एकत्र होते हैं और रात में अक्सर यहां चोरी की घटनाएं भी होती है लेकिन ना तो पुलिस यहां पेट्रोलिंग करती है ना ही कोई सिपाही तैनात है बस स्टैंड के ही नजदीक पुलिस थाना जमोड़ी है लेकिन कभी किसी के द्वारा यहां आकर स्थिति को नहीं देखा जाताजाता जिसके कारण सामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद देखे जा रहे हैं।

कुल मिलाकर करोड़ों खर्च होने के बाद भी यात्रियों को भारी समस्याओं से गुजरना पड़ रहा है जिम्मेदारों द्वारा जहां सुविधाओं के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है।










