Sidhi dj plaja news: बड़े-बड़े वादों में दब रहा गरीबों का आशियाना, लोगों को बेघर कर व्यवसाई कर रहा शहर का विकास…

सीधी जिले में बनने जा रहा सर्व सुविधायुक्त शॉपिंग कंपलेक्स डीजे प्लाजा भले ही शहर की सुंदरता में चार चांद लगाते हुए आर्थिक क्षेत्र के रास्ते बनाएगा, लेकिन इसके निर्माण के शुरुआती दौर से ही कुछ मूलभूत तथ्य लोगों से छुपा कर रखे गए। चका चौद की खड़ी हो रही दीवार के नीचे कई गरीब परिवारों के आशियाने दबने जा रहे हैं, और तो और उन्हें बसाने के लिए कोई प्रयास तक नहीं किया जा रहा जबकि शासन द्वारा उन्हें वहां निवास के लिए वैधानिक कागजात दिए गए थे और मकान भी उपलब्ध कराया गया था लेकिन व्यवसायी की महत्वाकांक्षा और धनलोलुपता ने उनकी चिंताएं बढ़ा दी हैं।
बता दे कि सीधी जिले में इन दिनों एक सर्व सुविधा युक्त शॉपिंग कंपलेक्स का चारों ओर भरपूर प्रचार प्रसार किया जा रहा है, बताया जा रहा है कि जिले का एकमात्र सर्व सुविधा युक्त शॉपिंग कंपलेक्स जिले में बनाया जा रहा है जिसमें सरकारी दफ्तर दुकान होगी। इससे सीधी जिले का विकास होगा..?सीधी में व्यापार और आर्थिक उन्नति के रास्ते खुलेंगे इस प्लाजा को लेकर तमाम अखबारों, चैनल और सोशल मीडिया में भरपूर प्रचार प्रसार किया जा रहा है लेकिन इसका काला सच लोगों से छुपाया जा रहा है।
गौरतलब है कि सीधी जिले के चर्चित व्यवसायी, शिक्षा जगत से जुड़ा एक नाम कहें या फिर प्रॉपर्टी डीलर कहे इन सभी क्षेत्र से जुड़ा एक व्यवसायी अब सीधी में विकास की इबादत लिखने जा रहा है जिसमें उसका साथ संभाग और प्रदेश स्तर के कुछ लोग दे रहे हैं। उक्त व्यक्ति पहले से ही काफी चर्चित है और उसके कारनामे लोगों से छुपे नहीं है। इस व्यवसायी की पैसे और पावर की भूख जग जाहिर हैऔर अब इसी उद्देश्य को लेकर अधिक से अधिक इस प्लाजा का प्रचार कर जिले के व्यापारियों को आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। जहां तक जानकारी प्राप्त हो रही है व्यापारियों से एडवांस के रूप में लंबी रकम जमा कर ली गई है बावजूद इसके अभी तक दुकाने केवल कागजों और प्रचार में है और इसके दाम भी निश्चित नहीं है। दुकानों के बताए गए दाम और भी बढ़ाने की आशंका है जिसके कारण यहां के लोकल व्यापारी दुकानों में इंटरेस्ट नहीं दिखा रहे हैं। हां ऐन केन प्रकारेण व्यवसायी द्वारा प्लाजा का निर्माण कर अपनी जेब भरने का प्रयास भरपूर किया जा रहा है और इसके लिए राजनीतिक गलियारों में भी अपनी पैठ जमाने के प्रयास में है।
एक ओर व्यवसाई द्वारा जहां राजनीतिक पहुंच, पैसा और प्रचार प्रसार कर डीजे प्लाजा का निर्माण करने में जुटा हुआ है तो वही दूसरी ओर करीब दर्जन भर परिवार इस प्लाजा के निर्माण के समय से ही चिंतित है और अभी तक उनकी समस्या का निराकरण नहीं हुआ है।
गौरतलब है कि शहर के सम्राट चौराहा में पुनर्धनत्वीकरण योजना के तहत शॉपिंग काम्प्लेक्स का निर्माण होना है जहां आवंटित भूमि में समतलीकरण का कार्य जारी है किन्तु यहां वर्षों से काबिज दर्जन भर परिवारों के सामने आशियाने की समस्या आ खड़ी हुई है। डीजे प्लाजा के कर्ताधर्ता द्वारा उनपर भूमि खाली करने का दबाव डाला जा रहा है और लगातार प्रशासन की मदद से उन्हें वहां से बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन लंबे समय से वहां वास करने वाले लोगों द्वारा द्वारा भूमि खाली करने के बदले में घर बनाने के लिए दूसरी जगह जमीन दिलाए जाने की मांग प्रशासन से की हैं। इसके लिए पीड़ित परिवार द्वारा कलेक्टर से भी फरियाद की गई हैं।
ज्ञात हो कि सम्राट चौराहा कोतरकला स्कूल के पास स्थित शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 686, 687 एवं 689/2 कुल रकवा 19191.00 वर्गमीटर भूमि में डीजे प्लाजा सर्व सुविधा युक्त शॉपिंग काम्प्लेक्स के निर्माण के लिए इस भूमि में बने पुराने शासकीय आवासों को जहां हटा दिया गया था वहीं निजी तौर पर काविज्ञ व आवंटित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था, लेकिन पुराना ट्रैफिक थाना के पीछे दर्जन भर ऐसे रहवासी हैं जिन्हे मुख्यमंत्री आश्रय पत्र दिया गया था। तो इसी अधिकार पत्र के तहत उन्हे नगर पालिका द्वारा प्रधानमंत्री आवास का लाभ दिया गया था। इन आवासों में वे आबाद है किन्तु शॉपिंग काम्प्लेक्स के लिए भूमि आवंटित होने पर इन परिवारों को भी भूमि खाली करनी पड़ेगी। ऐसे में यह दर्जन भर परिवार दूसरी जगह घर बनाने के लिए जमीन की मांग कर रहा है। इसके लिए पीड़ित परिवार द्वारा कलेक्टर से फरियाद की गई है। रहवासी रन्नू देवी कहार पति स्व. भगवानदीन कहार, मुन्नी सोधिया पत्नी रामलाल सोधिया, निहठी केवट पति रामबहोर केवट, अरविन्द चौरसिया तनय दिनेश चौरसिया, कुसुम विश्वकर्मा पति सौखीलाल विश्वकर्मा, पूजा विश्वकर्मा पति स्व. सुनील विश्वकर्मा, गीता विश्वकर्मा पति हरिशंकर विश्वकर्मा, गीता केवट पति छोटेलाल केवट सहित अन्य लोगों ने बताया है कि शासन की मंशानुसार पुर्नघनत्वीकरण के शर्तों के अधीन प्रभावित व्यक्ति के मकान का काम उचित मुआवजा एवं जमीन उपलब्ध कराने के पश्चात ही प्रभावित परिवार को हटाया जाय लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। संबंधित एजेंसी द्वारा गरीब परिवार को मनमानी – तौर पर हटाने का प्रयास किया गया है। इस मामले में शिकायत पर भी कोई पहल न करने की वजाय एकतरफा उनका घर गिराने का काम किया गया है।









