सीधी में भगवान भरोसे स्वास्थ्य सेवाएं, अस्पताल में नहीं मिलते भगवान्, ईलाज के लिए घंटों होता है इंतजार…
सीधी-जिले भर में इन दिनों स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बेपटरी हो गई है। लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुचते हैं लेकिन इलाज के लिए पदस्थ डाक्टर रुपी भगवान नदारद रहते हैं। मजबूरन लोगों को या तो निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है या फिर जिले के बाहर का रुख करना पड़ता है। आए दिन ऐसे मामले न केवल ग्रामीण इलाकों से आते हैं बल्कि यही हाल जिला चिकित्सालय का भी है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को केन्द्रीय विद्यालय में पढऩे वाली 8वीं की छात्रा अनन्या सिंह पटेल विद्यालय में खेलते समय चक्कर आने के बाद गिर गई। इस दौरान उसे जिला चिकित्सालय लाया गया लेकिन अस्पताल की हालत यह रही कि डॉक्टर ही नहीं थे। उनके नाना वरिष्ठ पत्रकार नंदलाल सिंह द्वारा वरिष्ठ डॉक्टरों को इस बारे में जानकारी दी गई साथ ही कलेक्टर को भी इस बारे में सूचित किया गया। लेकिन शाम 5 बजे तक भी डॉक्टर नहीं पहुंच पाए। सिर्फ आपातकाल में एक डॉक्टर मौजूद थे।

इसी तरह दूसरा मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सेमरिया से आया जहां दोपहर 2 मोटरसाइकिल सवार घायल होकर स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे थे लेकिन डाक्टरों कि अनुपस्थिति के चलते उन्हें इलाज नही मिल सका। घायलों में दो व्यक्तियों का पैर टूट गया था जबकि एक के सिर पर चोट आई थी। घायलों को डाक्टरों की अनुपस्थिति में प्राथमिक उपचार के बाद सीधी के लिए रेफर कर दिया गया।

यह तो महज दो घटनाएं थी जो प्रकाश में आ गई लेकिन न जाने ऐसे कितने लोग है जो उपचार के आभाव में परेशान होकर भटकते रहते हैं। सरकार भारी भरकम राशि स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च करती है बावजूद इसके लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। अस्पतालों में पदस्थ चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी मनमानी पर उतारू है।
सेमरिया में तीन दिनों से नहीं मिल रहे डाक्टर
सेमरिया क्षेत्र से अस्पताल पहुँच रहे लोगों द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि विगत तीन दिनों से डाक्टर ही नहीं मिल रहें हैं। स्टाफ नर्स द्वारा प्राथमिक उपचार कर लोगों को लौटा दिया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरिया में पदस्थ स्टाफ नर्स से गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शुक्रवार को क्षेत्र से आई गर्भवती महिलाओं ने जानकारी देते हुए बताया कि ओपीडी तो 9 बजे खुल गई लेकिन 9 बजे से 2 बजे तक एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं रहे। महिलाओं ने बताया कि यह हाल आज कई दिनों से है, घंटो लाइन में लगकर पर्ची कटवा कर डॉक्टर का इंतजार मरीज करते रहे अन्यथा बिना इलाज के ही मरीजों को लौटना पड़ा। वहीं स्टाफ नर्स शिवराज सिंह की तानाशाही रवैया से बीपी, शुगर, आयरन डोज के लिए गांव से आई गर्भवती महिला कई घंटे तक इधर से उधर भटकती और परेशान होती रही।









