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वर्तमान में किसी भी शंकराचार्य एवं पीठाधीश्वर का सृक्ष्म शरीर जागृत नहीं है श्री शक्तिपुत्र जी महाराज

वर्तमान में किसी भी शंकराचार्य एवं पीठाधीश्वर का सृक्ष्म शरीर जागृत नहीं है श्री शक्तिपुत्र जी महाराज

भुईमाड़- पंचज्योति शक्ति तीर्थ सिद्धाश्रम ट्रस्ट एवं भगवती मानव कल्याण संगठन के संस्थापक संचालक धर्म सम्राट युग चेतना पुरुष परमहंस योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के सानिध्य में बिलासपुर के साइंस ग्राउंड सरकंडा में गुप्त नवरात्रि के प्रथम दिवस पर शक्ति चेतना जन जागरण शिविर का आयोजन किया गया जिसमें लाखों महिला पुरुष श्रद्धालु उपस्थित हुए। जिसमें भुईमाड़ सहित सीधी सिंगरौली जिले के हजारों की संख्या में संगठन के कार्यकर्ता उक्त शिविर में शामिल हुए।
महाराज जी की वाणी को सुनने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु लालयति रहते हैं, सर्वप्रथम महाराज जी ने उपस्थित जन समुदाय को अपने हृदय में धारण करते हुए उन्हें गुप्त नवरात्रि के प्रथम दिवस पर माता आदि शक्ति जगत जननी जगदंबे मां एवं अपना आशीर्वाद प्रदान किया महाराज जी ने वर्तमान में मानवता के कल्याण के लिए अपने विचार चिंतन रखते हुए कहा कि वर्तमान में जिस तरह से समाज की स्थिति है अगर उसे नहीं संभाला गया तो आने वाला समय भयावह ङहोगा जिस तरह से आज नशे मांस से ग्रस्त मानव वासना में डूबा हुआ और जिस तरह से बच्चे आज मोबाइल के गुलाम बनते जा रहे हैं उसे हमें सही देना दिशा देनी है हमें अपने बच्चों को आत्मावान बनाना है उन्हें नित्य प्रति कुछ ना कुछ समय पूजा पाठ में अपने साथ बैठना है जितना हो सके उन्हें मोबाइल जैसी महामारी से दूर रखें और बच्चों को ऐसे संस्कार दे जिससे मोबाइल का भी उपयोग करें तो चेतनात्मक विचारों को सुने देखें और समझे अन्यथा जिस तरह से बच्चे अश्लील दृश्य को देख रहे हैं वह कहीं ना कहीं आने वाले समाज के लिए घातक होगा।
*वर्तमान में किसी भी शंकराचार्य एवं पीठाधीश्वर क सूक्ष्म शरीर जागृत नहीं है*
जहां एक और महाराज जी ने समाज के लोगों का कर्तव्य बहुत कराया वहीं समाज को दिशा देने वाले धर्माचार्य को भी जमकर लताड लगाई क्योंकि जिस तरह से धर्माचार्य ने समाज में एक भटकाव पैदा किया है कि महिलाएं शंख नहीं बजा सकती पूजा नहीं कर सकती किसी मंदिर की प्रधान पुजारी नहीं हो सकती, धर्म ग्रंथो का ज्ञान एक विशेष जाति समुदाय के लोगों को ही ज्ञान प्राप्त करने का अधिकार है और जिस तरह से धर्माचार्य द्वारा जातिवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है तो क्या 50% समाज को लेकर सनातन धर्म की रक्षा हो सकती है ? वर्तमान में चार प्रमुख पीठों के शंकराचार्य हैं और अनेकों लोग इस पदवी का उपयोग कर रहे हैं अनेकों पीठाधीश्वर हैं और अनेकों धर्म प्रमुख है जो बड़ी संख्या में अपने साथ समाज को जोड़कर रखा है, उनमें किसी का भी सूक्ष्म शरीर जागृत नहीं किसी के पास समाधि की अवस्था नहीं है कोई भी यम नियम नियमों का पालन करने वाले नहीं है इसीलिए इस तरह की संकुचित विचारधाराओं से ग्रसित हैं और समाज को भी भ्रमित कर रहे हैं जो सनातन धर्म के लिए घातक है।
और हद तो तब हो जाती है कि जब कुछ धर्माचार्य एवं शंकराचार्य द्वारा देश के प्रधानमंत्री के प्रमुख यजमान बनने का विरोध इसलिए किया जाता है क्योंकि वह ब्राह्मण समुदाय से नहीं है यह एक घृणित मानसिकता को प्रदर्शित करता है, क्योंकि देश के प्रधानमंत्री एक साधक है मां भगवती के भक्त हैं और त्याग और पुरुषार्थ करने वाले व्यक्ति हैं प्राण प्रतिष्ठा खाने पीने मौज उड़ाने वाले पंडितो से नहीं धर्मनिष्ट और व्रत संयम उपवास त्याग करने वाले व्यक्ति से होती है। आज जगह-जगह त्रिकालदर्शी बने संत घूम रहे हैं जिनके विषय में महाराज जी कई बार आवाज उठा चुके हैं, पिछले नवरात्रि में भी महाराज जी ने तीन राज्य मे विधानसभा चुनाव को लेकर सभी त्रिकाल दर्शियों को पर्चा बनाने के लिए शंकराचार्य के सानिध्य में कहा था लेकिन कुछ तो चुनौती को सुनकर किनारे हो गए छिपने लगे और कुछ जो पतंगे के समान है विशेष कर नाम ना लेते हुए महाराज जी ने पंडोखर महाराज पर निशाना साधा क्योंकि पंडोखर महाराज ने जितनी भी भविष्यवाणी की थी वह 101% गलत सिद्ध हुई थी कुछ जो अपने आप को त्रिकालदर्शी कहते हैं जब कांग्रेस की हवा चलती दिखाई तो कहने लगे संत तो सबके होते हैं लेकिन महाराज जी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि संत सबके नहीं होता संत सत्य और धर्म का होता है कांग्रेस जैसी देश विरोधी सनातन धर्म विरोधी पार्टी का जो अपने आप को ही हितैसी बताएं वह संत नहीं हो सकता उसके जीवन में सत्य नहीं है उसकी वाणी में सत्य नहीं है इसीलिए ऐसे दोगले लोगो को जब तक नेहरू खानदान कांग्रेस है तब तक कांग्रेस का समर्थन करने से बचना चाहिए।
*यह युग परिवर्तन का युग है, मां का काल है हमारे हर मठ मंदिर मुक्त होंगे जिसे मुगलों ने कैद किया था*
महाराज जी ने कहा कि जब-जब देवताओं देवताओं पर संकट आया है तब तब मां के ही आशीर्वाद से देवताओं को चेतना शक्ति सामर्थ प्रदान हुई है ठीक उसी तरह पंच ज्योति शक्ति तीर्थ सिद्धाश्रम में 15 अप्रैल 1997 से अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ की ऊर्जा का प्रभाव है आप लोगों ने युग परिवर्तन का महाशंखनाद किया जिसका प्रभाव है जी 500 वर्षों से लंबित राम मंदिर की स्थापना हो चुकी है, काशी में भी हमारे भोलेनाथ जागृत हो चुके हैं , मथुरा में भी भगवान कृष्ण जागृत हो रहे हैं लाक्षागृह भी मुक्त हो चुका है अब हमारे हर देवी देवताओं के मंदिर मुक्त होंगे जिन्हें मुगलों ने कैद किया था यह परिवर्तन क काल है और आप सभी लोग एक ऐसे युग दृष्टा गुरु के शिष्य हैं जिसे पता है कब कैसा परिवर्तन समाज में डालना है, उनके सानिध्य में जीवन जी रहे हैं । मैं 1990 में प्रथम महाशक्ति यज्ञ में भविष्यवाणी में बताया था कि मेरी 11 तारीख चेतनाएं इस युग परिवर्तन के कार्य के लिए लगी हुई है जो अनेकों क्षेत्रो से इस युग परिवर्तन के कार्य को संपन्न करेंगे वहीं 1994 में महाराज जी ने अपनी भविष्यवाणी का भी उल्लेख किया कि जब 1994 में महाशक्ति यज्ञ में महाराज जी ने स्पष्ट कोरोना महामारी एवं उसके बाद तृतीय विश्व युद्ध की घोषणा की थी वह समय आप लोगों ने देखा है और तृतीय विश्व युद्ध की भूमिका भी बन रही है। वर्तमान का समय सामान्य नहीं है इसलिए कोरोना महामारी से सीख लेते हुए हम सभी को मां की शरण गहना होगा मां की दया ममता करुणा को अपने अंदर समाहित करना होगा और प्रकृति के अनुरूप अपने आचरण को ढालना होगा।

*जब तक मैं मौजूद हूं कभी जिहाद नहीं हो सकता*
महाराज जी ने उन जिहादी मानसिकता के लोगों पर भी निशाना साधा जो कहते हैं कि 15 मिनट के लिए पुलिस हटा लिया जाए तो वह देश में जिहाद कर सकते हैं, ऐसे लोग मेरे रहते कभी जिहाद नहीं कर सकते क्योंकि मैं अपनी चेतना तरंगों से ऐसे लोगों का पराभव करता रहूंगा जो कुकुरमुत्ता के समान गली-गली जिहाद की बात करते हैं मैंने 20 साल पहले ही अपनी भविष्यवाणी में बताया था कि इस्लामी कंट्रीयों का पतन सुनिश्चित है क्योंकि जिस तरह से हलाल और काफिर पूरे समाज में आतंक का माहौल पैदा किया है ऐसे जिहादियों का अंत अब सुनिश्चित है सत्य ही सनातन है और जब तक सनातन है तभी तक इस्लाम सुरक्षित है सनातन कभी खत्म नहीं हो सकता सनातन अनेकों ब्रह्मांडों से संचालित है अनेकों लोको से संचालित है, इसलिए जिहादी मानसिकता के लोग दिमाग से यह निकाल दें कि कभी भारत में गजवाए हिंदी या जिहाद कर सकेंगे अगर अपना कल्याण चाहते हैं तो या तो सनातन की शरण में आ जाएं या तो अपने धर्म का ईमानदारी से पालन करें काफिर की सोच को निकाल दें क्योंकि अगर यह सोच है तो उनका अंत सुनिश्चित है।
*राजनीति को धर्म से अलग नहीं किया जा सकता*
महाराज जी ने कहा कि जिस तरह से वर्तमान में कुछ नास्तिक और जिहादी मानसिकता के नेता हैं वह राज अलपते रहते हैं की राजनीति को धर्म से अलग रहना चाहिए जबकि अगर शरीर से आत्मा निकल जाए तो बचेगा क्या अगर राजनीति से धर्म अलग हो जाएगा तो अधर्म ही तो रहेगा और वर्तमान में वही हो रहा है हमारे राजनेता नास्तिक होते जा रहे हैं उनके अंदर दया ममता करुणा नहीं है उनके अंदर अपने कर्तव्यों का पालन करने क भाव नहीं है बस यही तो अधर्म है। जबकि राजनेताओं को सबसे अधिक धर्म का ज्ञान होना चाहिए अगर कोई शासन करने वाला व्यक्ति के अंदर दया ममता करुणा चेतना धर्म का ज्ञान होना चाहिए अपने कर्तव्यों का बोध है तभी वह अपने समाज का कल्याण कर सकता है इसलिए जनता और नेताओं को भी ध्यान रखना चाहिए कि हमारे सेवक पवित्र और साधक चेतना से परिपूर्ण हो।
*नशे की दुकान खोलकर डकैतों से भी भयंकर अत्याचार कर रही सरकारे: श्री शक्तिपुत्र जी महाराज*
श्री शक्तिपुत्र जी महाराज ने कहा कि जब मैं अपनी चेतना तरंगों से समाज को देखता हूं तो मुझे नींद नहीं आती क्योंकि जिस तरह से आज छोटे-छोटे बच्चे नशे के दलदल में फसते जा रहे हैं दिन रात तरह-तरह के नशे में लिप्त हैं माता-पिता व्यथित है रो रहे हैं लेकिन हमारे देश प्रदेश के नेताओं द्वारा शराब के ठेके खोलकर डकैतों से भी भयंकर अत्याचार किया जा रहा है महाराज जी ने कहा कि इससे अच्छा है कि शराब के ठेके बंद करके सरकार को डकैती डालने का आदेश देना चाहिए क्योंकि डकैत तो अमीरों को लूटते हैं जिनके पास धन होता है आज यह नेता गरीबों को नशे का जहर बेचकर कर लूट रहे हैं
जिससे उनकी कई पीढ़ियां बर्बाद हो रही है डकैत तो एक बार ही डकैती करता है लेकिन यह नेता नशे के द्वारा अनेकों पीढियो को मानव समाज को ही नष्ट करने में लगे हुए हैं। समाज का किसी योजनाओं से कल्याण नहीं होगा जितना तुम देते जाओगे उतना वह नष्ट करते जाएंगे उन्हें कर्मबन बना रोजगार के संसाधन उपलब्ध कराओ लघु एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दो तभी आप समाज का कल्याण कर सकते हो अन्यथा तुम मानवता और देश के दुश्मन हो।
*आज सुबह 7:30 से होगा गुरु दीक्षा का कार्यक्रम*
महाराज जी ने उपस्थित जन समुदाय को हाथ उठाकर नशे मांस मन से मुक्त चरित्रवान होने का संकल्प दिलाया है और साइन कालीन बेला में लाखों भक्तों के साथ मां भगवती जगत जननी जगदंबे की दिव्य महा आरती की। शिविर में आए लाखों भक्तों के ठहरने एवं निशुल्क भोजन की व्यवस्था की गई है।
आज सुबह 7:30 बजे से दीक्षा का कम होगा महाराज जी ने कहा की मेरे सिर्फ वही बने जो नशे मांस से मुक्त चरित्रवान होना चाहते हैं राष्ट्री धर्म और मानवता की सेवा करना चाहते हैं गुरदीक्षा का कोई शुल्क नहीं होगा और निशुल्क शक्ति जल प्रदान किया जाएगा जिससे लोगों को नशा छोड़ने में मां भगवती का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होगा।

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