सीधी-पीएम आवास बना अवैध अस्पताल…
जिला प्रशासन के नाक के नीचे, लोगो की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहा झोला छाप बंगाली डॉक्टर
विगत बीस साल से गांव में है डेरा, सरपंच,समेत जिम्मेदार बने अनजान
सीधी- सरकार द्वारा गरीब और बेघर लोगों के सिर पर छत देने के उद्देश्य से पीएम आवास योजना लॉन्च की गई थी लेकिन सीधी जिला मुख्यालय से लगे हुए गांव शिवपुरवा में यह एक झोलाछाप डॉक्टर का अस्पताल बना हुआ है जहां पर लंबे समय से खुलेआम बंगाली झोलाछाप डॉक्टर शिवकुमार मंडल द्वारा बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी का इलाज किया जा रहा है और इलाज के नाम पर सबको इंजेक्शन पर इंजेक्शन लगाया जा रहा है ग्रामीणों द्वारा इसका विरोध भी किया गया लेकिन न जाने किसका संरक्षण इसे प्राप्त है कि इस पर कोई कार्यवाही नहीं होती वहीं सरपंच द्वारा भी असमर्थता जाहिर की जा रही है।

जी हाँ जिला चिकित्सालय से महज दस किलो मीटर दूर शिवपुरवा गांव में बंगाल से आए बंगाली डॉक्टर शिवकुमार मंडल के नाम ने दहशत मचा रखी है। इसके द्वारा गांव में बने ग्रामीण भगवान दास साहू के पीएम आवास में खुले आम धाढल्ले के साथ क्लिनिक का संचालन किया जा रहा है। सुबह से लेकर शाम तक यहां भारी भीड़ देखी जा सकती है ।गांव के लोगो का कहना है कि यह काफी दिनों से यहां धाक जमा कर बैठा है जिस आवास में क्लिनिक चला रहा है उसके मालिक का भी पत्ता साफ करने में लगा है। ग्रामीण भगवान दास साहू परिवार विहीन होने के चलते इससे घर खाली नहीं करा पा रहा है और जिले से बाहर रहने को मजबूर है।ग्रामीणों ने बताया कि यह काफी समय से यहां रह रहा है। वर्तमान में जहा झोला छाप का क्लीनिक है इसके पहले कही दूसरी जगह था और उस मकान को अपने नाम कराना चाहता था लेकिन बंगाली डॉक्टर की चली नही और पुराने मकान मालिक ने उसे घर से निकाल दिया तबसे यह प्रधान मंत्री आवास में अपनी दुकान चला रहा है।
बिना डिग्री और रजिस्ट्रेशन के इंजेक्शन पर इंजेक्शन…

दरसल इस बंगाली के पास न कोई लाइसेंस है और न ही कोई डिग्री फिर भी जिला चिकित्सालय अस्पताल के निकट धडल्ले से मासूम बच्चे से लेकर बुजुर्गो का इलाज कर रहा और सभी को इंजेक्शन पर इंजेक्शन लगाएं जा रहा है। हैरान की बात यह है की इसकी जानकारी होते हुए भी जिम्मेदार मौन है और प्रशासन की नींद तब खुलती है जब कोई बड़ी अनहोनी हो जाती हैं। आखिरकार ऐसे लोग जो गरीब जनता के बीच में बस कर उन्हे लूटने खसोटने में लगे रहते है इनके ऊपर कार्यवाही क्यों नही होती…?सरकार के निः शुल्क ईलाज के वादे का क्या फायदा जब गांव में बैठे बंगाली डॉक्टर जिला चिकित्सालय अस्पताल की नाक के नीचे गरीबों की गाढ़ी कमाई लूट रहे है

बतादें की गांव वालों का कहना है कि यह बंगाली पूरे शिवपुरवा के आस पास फैला हुआ है सुबह से लेकर शाम तक कितने लोगो की जान के साथ खिलवाड़ करता है इसका कोई अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। कई ग्रामीणों का तो यहां तक कहना है कि छोटे से लेकर बड़ा इलाज सब इस झोलाछाप के द्वारा किया जाता है, और इसके द्वारा यह भी कहा जाता है कि सीधी जाने की कोई जरूरत नहीं मैं यही हर इलाज कर दूंगा। लोगों को एडमिट करना हो उन्हें चोट लगी हो घाव हो छोटे बच्चे बीमार हो सबका इलाज इसके पास है। दबी जुबान से तो लोग यह भी कहते हैं कि यह अवैध गर्भपात तक करने में माहिर है ।यह हाथ की मुट्ठी मे दबा की शीशी पकड़ता है और इंजेक्शन भी मुट्ठी बांध कर भरता है ऐसी दावा करता है ताकि दावा कोई देख न सकें इसके यहां दवा करने वाले मरीज फिर दोबारा कही भी इलाज करा ले लेकिन उनकी तबियत में सुधार नहीं होता है उन्हें वापस यही आना पड़ता है। यहां तक कि कई लोगो की सायद जान भी का चुकी है लेकिन आज भी ग्रामीणों का कहना है कि बंगाली डॉक्टर शिव कुमार मंडल अपनी आदत से बाज नहीं आ रहा है।
झोलाछाप डॉक्टर वर्तमान में जगह-जगह फैले हुए हैं और प्रशासन उनकी अनदेखी कर रहा है लेकिन प्रशासन की नाक के नीचे इसके अवैध धंधे को संरक्षण कौन दे रहा है यह समझ से परे है सुबह से लेकर शाम तक हर तरह के मरीजों की भीड़ एक खतरे का संकेत है और अगर समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है और प्रशासन के पास पछतावे के अलावा कोई चारा नहीं रह जाएगा









