Re. No. MP-47–0010301

Sidhi 24news;शासकीय भूमि में अतिक्रमण पर नहीं होती कार्यवाही अतिक्रमणकारियों ने निगली हिरन नदी एवं सूखा नदी तट की भूमि…

Sidhi 24news;शासकीय भूमि में अतिक्रमण पर नहीं होती कार्यवाही अतिक्रमणकारियों ने निगली हिरन नदी एवं सूखा नदी तट की भूमि…

शासकीय संजय गांधी महाविद्यालय परिसर के कई एकड़ भूमि में अवैध कब्जा

सीधी  शासकीय भूमि में अतिक्रमण पर कार्रवाई करने को लेकर राजस्व विभाग कतई गंभीर नहीं है। लिहाजा दशकों से जिला मुख्यालय में स्थित शासकीय भूमियों पर अवैध कब्जा हो चुका है। अतिक्रमणकारियों ने हिरन नदी एवं सूखा नदी तट की भूमि को भी अतिक्रमण कर नदी को नाला में तब्दील कर दिया है। वहीं शासकीय संजय गांधी

कॉलेज परिसर में अतिक्रमणकारी चिन्हित

महाविद्यालय सीधी की कई एकड़ भूमि पर भी वर्षों से अवैध कब्जा बना हुआ है।

जिला मुख्यालय में ही तमाम बड़े प्रशासनिक अधिकारियों के नाक के नीचे यदि शासकीय भूमियों पर अवैध कब्जा हो सकता है तो ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय भूमि की क्या स्थिति होगी इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। जानकार भी यह मानते हैं कि शासकीय भूमि में अवैध कब्जा पर कार्रवाई न होने के पीछे राजस्व विभाग के मैदानी अमला का पूरा हांथ है। हर वर्ष कागजों में ही हल्का पटवारियों की गिर्दवारी होती है और उनके द्वारा शासकीय भूमि में अवैध कब्जा को कभी भी प्रदर्शित नहीं किया जाता। हालात यह है कि वर्षों से शासकीय भूमि में अवैध कब्जा करने वाले लोगों द्वारा सांठगांठ कर पट्टा भी हांसिल कर

शासकीय संजय गांधी महाविद्यालय परिसर की करीब 4 एकड़ भूमि में अवैध कब्जा वर्षों से चिन्हित है। विभाग द्वारा इस मामले में काफी शिकायतों के बाद चार वर्ष पूर्व करीब 60 अतिक्रमणकारियों को चिन्हित किया गया था। इनमें अधिकांश अतिक्रमणकारियों की रसूख के चलते अतिक्रमण हटाने का साहस संबंधित अधिकारी नहीं जुटा सके और मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है।

अंदर ही उनके द्वारा पक्के मकान भी

बना लिये गये। हिरन नदी एवं सूखा नदी के जीर्णोद्धार की मांगा वर्षों से की जा रही है। सूखा नदी का सौन्दर्याकरण एवं जीर्णोद्धार का काम मिनी स्मार्ट सिटी में शामिल होने के बाद तत्कालीन कलेक्टर अभिषेक सिंह द्वारा स्वयं मौके पर खड़े होकर सूखा नदी के आधे क्षेत्र से अतिक्रमण हटाकर सड़क निर्माण की कार्रवाई शुरू करायी गई थी। उनके जाने के बाद से सूखा नदी के आधे क्षेत्रफल से अभी तक न तो लिया जाता है। जिला मुख्यालय में हालात यह है कि यहां सड़क की पटरी भी अतिक्रमण से अछूता नहीं है। सीधी शहर में प्रवाहित हिरन नदी एवं सूखा नाला तटों की सैकड़ों एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा हो चुका है।

अतिक्रमणकारियों पर कोई कार्रवाई न होने से कुछ साल के

इनका कहना है

पटवारी प्रतिवेदन मिलने के बाद तहसीलदार के माध्यम से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती है। जहां तक शासकीय संजय गांधी महाविद्यालय परिसर, हिरन नाला एवं सूखा नाला क्षेत्र में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण होने का मामला है इस पर भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जावेगी।

नीलेश कुमार शर्मा, एसडीएम गोपदबनास

अतिक्रमण हटाया गया और न ही नदी तट पर सड़क निर्माण के लिये कोई पहल की जा रही है। बाजार क्षेत्र के समीप स्थित हिरन नदी का जीर्णोद्धार कार्य शुरू होने में भी सबसे बड़ी बाधा यहां का अतिक्रमण है। जिस पर राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारी जल्द सीमांकन कराकर नदी की भूमि सुरक्षित करने का आश्वासन दे रहे हैं लेकिन मौके पर कोई कार्य नहीं हो रहा है। जिसका इंतजार शहरवासी काफी बेसब्री से कर रहे हैं।

Advertisement

Leave a Comment

error: Content is protected !!