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Sidhi24news:मोदी सरकार के पहले बजट में कर्मचारियों को सौगात?

Sidhi24news:मोदी सरकार के पहले बजट में कर्मचारियों को सौगात? तय होगी नई सैलरी लिमिट

दिल्ली- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को आम बजट पेश करेंगी। यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट होगा। इस बजट से सभी वर्ग के लोगों को उम्मीदें हैं। संभावना है कि बजट में नौकरीपेशा लोगों के लिए भी सरकार बड़ी घोषणा कर सकती है।

दरअसल, सरकार पीएफ अकाउंट  में कर्मचारियों का अंशदान बढ़ाने के लिए नई सैलरी लिमिट तय करने पर लंबे समय से विचार कर रही है। संभावना है कि नए बजट में सरकार पीएफ के लिए सैलरी लिमिट को 15 हजार से बढ़ाकर 21 हजार रुपये कर सकती है, जिससे लाखों पीएफ अकाउंट धारकों को फायदा होगा।

2014 में हुआ था आखिरी बदलाव

आखिरी बार सरकार ने सितंबर 2014 में पीएफ के लिए सैलरी लिमिट को बढ़ाया था। उस वक्त यह लिमिट 6 हजार रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 15 हजार रुपये किया गया था। यह लिमिट सरकार एक बार फिर बढ़ा सकती है।

कर्मचारियों को क्या होगा फायदा

पीएफ के लिए सैलरी लिमिट बढ़ने से कर्मचारियों को अपने पीएफ अकाउंट में सैलरी में से अधिक अंशदान देने का मौका मिलेगा। वर्तमान में कर्मचारियों के मूल वेतन में से 12 प्रतिशत हिस्सा पीएफ अकाउंट में जमा होता है और इतना ही कंपनी अपनी ओर से कर्मचारियों को देती है। वेतन सीमा 21 हजार होने पर कर्मचारियों को अधिक अंशदान देने का मौका मिलेगा, जिससे रिटायरमेंट के बाद उन्हें अधिक पेंशन मिलेगी

क्या है पीएफ अकाउंट

  • नौकरीपेशा लोगों को ईपीएफ यानी एम्पलाई प्रोविडेंट फंड की सुविधा मिलती है।
  • मूल वेतन में से 12 प्रतिशत राशि हर माह पीएफ अकाउंट में जमा किया जाता है।
  • इतना ही पैसा कंपनी अपनी ओर से कर्मचारियों के पीएफ अकाउंट में जमा करती है।
  • रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को इसी पीएफ फंड में से हर माह पेंशन मिलती है।
  • इमरजेंसी की स्थिति में कर्मचारी बीच में भी इस अकाउंट से पैसा निकाल सकता है।

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