Sidhi24newsशहर का यह हाल है तो गाँव का भगवान् है मालिक,बिजली विभाग का क्या कहना
12 घंटे बाद जुड़ी केबल,बिजली विभाग से त्रस्त हैं लोग, बादल घिरते ही बिजली हो जाती है गुल
सीधी- वर्तमान में बिजली की समस्या चरम पर है बरसात तो बस एक बहाना है बादल घिरते ही बिजली गुल हो जाती है शहरी इलाकों में बिजली विभाग की सक्रियता का पता इसी से लगाया जा सकता है की महज एक केवल टूटने से 12 घंटे तक कई सैकड़ा मकान बिजली से वंचित रहते हैं आला अधिकारियों के जहां फोन बंद रहते हैं वही मोहल्ले वासी बिजली के अभाव में पानी और अन्य समस्याओं से जूझते देखे जाते हैं। ऐसी स्थिति देखकर यही कहा जा सकता है कि जब शहर का यह हाल है तो ग्रामीणों का तो भगवान ही मालिक होगा।
जी हां वर्तमान में बिजली विभाग पूरी तरह से तानाशाह बना हुआ है। जरा सा बादल घिरे की बिजली गुल यही हाल लगभग गर्मियों का भी रहा जहां मोटा तगड़ा बिल देने के बाद भी लोग भीषण गर्मी में बिजली के लिए तरसते देखे गए और अब बरसात शुरू होते ही 10 से 12 घंटे तक लोगों को बिजली की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। बीच-बीच में बिजली जाना तो आम बात है लेकिन अगर कहीं कोई तार टूट गया तो लाख शिकायतों के बाद करीब 10 से 12 घंटे बाद ही बिजली आपूर्ति बहाल हो पाती है।
ऐसा ही आज एक वाक्य सीधी शहर के नगर पालिका वार्ड क्रमांक 1 के इंद्रप्रस्थ नगर में देखने को मिला जहां पिछली रात बारिश के कारण रात भर बिजली की आवाजाही लगी रही वहीं भोर में करीब 4:30 के आसपास एक पेड़ बिजली विभाग के पल के ऊपर गिर गया जहां केबल टूटने के कारण लाइट गोल हो गई और रास्ता भी बुरी तरह से बंद रहा लोगों ने कई बार शिकायतें की लेकिन कोई यह तक देखने नहीं आया की कोई करंट की चपेट में आया है या कोई बड़ा हादसा हुआ। मजबूरी में लोगों द्वारा इकट्ठा होकर रास्ते से पेड़ को हटाया गया और बिजली विभाग को सूचना दी गई बावजूद इसके बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा फोन बंद कर शिकायत को अनसुना कर दिया गया। अंत में लोगों के काफी चीख पुकार करने पर शाम करीब 5:00 बजे बिजली विभाग द्वारा पहुंचकर केवल को जोड़ा गया सुबह 4:30 से गई हुई बिजली लोगों को 5:00 बजे देखने को मिली और करीब एक से डेढ़ घंटे बाद पुनः बिजली न जाने किस कारण से बंद हो गई जो रात करीब 10:00 बजे तक बंद ही है। इस घटना से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिजली विभाग को एक केबल जोड़ने में करीब 12 घंटे लगे जबकि बिजली का बिल 1 से 2 दिन लेट होने पर उनके नुमाइंदे लोगों का कनेक्शन काटने पर उतारू हो जाते हैं। गौर करने वाली बात यह भी है कि जहां से केवल टूटी थी उसके पहले लोगों के घरों में बराबर बिजली थी और सड़क पर फैली केवल से करंट का खतरा भी था लेकिन बिजली विभाग द्वारा करीब 12 घंटे तक वहां जाने की जहमत नहीं उठाई गई ऐसे में यदि कोई अनहोनी घट जाए तो उसका जिम्मेदार कौन होगा।
पहले फोन में दिया आश्वासन लेकिन मौके पर नहीं पहुंचा कोई
बिजली विभाग के शिकायती फोन नंबर पर बार-बार यही आश्वासन दिया गया कि लाइनमैन पहुंच रहा है पहुंच रहा है लेकिन शाम तक कोई नहीं पहुंचा न जाने कैसे शाम को उनकी कृपा हुई और लोगों को बिजली के दर्शन हुएं। बिजली विभाग में लंबा चौड़ा अमला तैनात है लेकिन शायद आज संडे होने के कारण सब व्यस्त थे। वर्तमान बिजली व्यवस्था से सभी त्रस्त हैं। कारण जो भी हो लेकिन अब बिजली के बिल जहां लोगों को रुला रहें हैं वही बिजली कि कटौती लोगों को पुराने दिन याद दिला रही है। नेता और अधिकारी मौन है और जनता हैरान…?








