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Sidhi24newsकांग्रेस विधायक अभय मिश्रा समेत 27 पर केस दर्ज

Sidhi24newsकांग्रेस विधायक अभय मिश्रा समेत 27 पर केस दर्ज

रीवा-मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सेमरिया कस्बे में 13 नवंबर को अजय केवट की हत्या के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और मृतक के परिजनों ने एक धरना प्रदर्शन आयोजित किया था। इस प्रदर्शन में कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा सहित 27 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का आरोप है कि इस धरने के कारण इलाके में आवागमन बाधित हुआ और व्यापारियों को डराकर उनकी दुकानों को बंद कराया गया।

एफआईआर में कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा का नाम प्रमुख रूप से लिया गया है, साथ ही अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं जैसे नरेंद्र अग्रिहोत्री, कुंवर सिंह, विनोद शर्मा, और अंकित शुक्ला के भी नाम शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि इन लोगों ने जानबूझकर इलाके की स्थिति को तनावपूर्ण बना दिया, जिससे आम नागरिकों और व्यापारियों को असुविधा हुई। इसके अलावा, पुलिस ने कुछ अज्ञात व्यक्तियों का भी उल्लेख किया है, जिनकी शिनाख्त बाद में की जाएगी।

इस घटना के बाद, कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन करार दिया। जिला कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कुंवर सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने के लिए इसे आपराधिक मामला बना रही है। कांग्रेस नेता विनोद शर्मा ने इसे भाजपा सरकार की गलत नीतियों का परिणाम बताया और कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध जताने का अधिकार हर नागरिक को है, और सरकार को इसे कुचलने का कोई अधिकार नहीं है।

धरने के बाद सेमरिया के थाना प्रभारी अवनीश पांडेय को निलंबित कर दिया गया है और उन्हें गढ़ के थाना प्रभारी के रूप में नियुक्त किया गया है। वहीं, गढ़ के थाना प्रभारी श्रृंगेश सिंह राजपूत को सेमरिया का नया थाना प्रभारी बनाया गया है। इसके साथ ही सगरा के थाना प्रभारी घनश्याम मिश्रा को चाकघाट थाने का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

हालांकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शनकारियों की गतिविधियां कानून व्यवस्था के खिलाफ थीं, लेकिन कांग्रेस पार्टी और उनके समर्थकों ने इसे एक सामान्य विरोध प्रदर्शन बताया। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार द्वारा यह कार्रवाई वाकई शांतिपूर्ण विरोध को दबाने की कोशिश है, या फिर यह कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने का एक तरीका है?

इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी और क्या कांग्रेस विधायक और कार्यकर्ता इन आरोपों से बरी होंगे, यह देखना दिलचस्प होगा।

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