मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के महत्वपूर्ण निर्णय
भोपाल, 20 नवम्बर 2024: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में राज्य के विकास, सांस्कृतिक धरोहर और शिक्षा क्षेत्र में सुधार को लेकर प्रमुख फैसले लिए गए।
1. “श्रीकृष्ण पाथेय न्यास” का गठन:
मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित स्थानों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से “श्रीकृष्ण पाथेय न्यास” का गठन किया गया। इस न्यास के तहत भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित मंदिरों, संरचनाओं और धार्मिक स्थलों का संरक्षण, संवर्धन और प्रबंधन किया जाएगा। साथ ही, भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित सांस्कृतिक, साहित्यिक, और ऐतिहासिक महत्व की गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
न्यास के मुख्य उद्देश्यों में:
– भगवान श्रीकृष्ण के चरण स्थलों का प्रलेखन, अभिलेखन, छायांकन, फिल्मांकन और चित्रांकन।
– श्रीकृष्ण के मंदिरों, जल संरचनाओं, वन सम्पदा और अन्य धार्मिक स्थानों की सुरक्षा और विकास।
– सांदीपनि गुरुकुल की स्थापना हेतु परामर्श और अन्य कार्यवाही।
– शिक्षा, संस्कृति, कृषि और गौ संवर्धन के क्षेत्र में विरासत का विकास।
– युवाओं को भगवान श्रीकृष्ण की जीवन गाथा से जोड़ने के लिए योजनाएं बनाना।
श्रीकृष्ण पाथेय न्यास का मुख्यालय भोपाल में होगा, और न्यास के संचालन के लिए 6 पद सृजित किए जाएंगे। इसके अलावा, न्यास के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए विभिन्न विशेषज्ञ समितियां बनाई जाएंगी, और सरकार तथा अन्य संस्थाओं से सहयोग प्राप्त किया जाएगा।
2. 209 स्टॉफ नर्सों की नियुक्ति की स्वीकृति:
मध्यप्रदेश सरकार ने प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड, भोपाल(जो वर्तमान में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के नाम से जाना जाता है) द्वारा 27 जनवरी 2022 को घोषित परीक्षा परिणाम के आधार पर चयनित 209 स्टॉफ नर्सों को नियुक्ति देने की स्वीकृति प्रदान की है। इन नियुक्तियों से राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों में स्टॉफ नर्सों की कमी को दूर किया जाएगा और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। यह नियुक्तियां विभाग के अधीन वर्तमान में उपलब्ध रिक्त पदों पर की जाएंगी।
3. उज्जैन में इंगोरिया-उन्हेल सड़क मार्ग का निर्माण:
मंत्रि-परिषद ने उज्जैन जिले में इंगोरिया-उन्हेल सड़क मार्ग के निर्माण की स्वीकृति दी है। यह सड़क 23.71 किलोमीटर लंबी होगी और 127 करोड़ 63 लाख रुपये की लागत से म.प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से बनाई जाएगी। इस सड़क के निर्माण से क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होगा और उज्जैन जिले का विकास होगा, साथ ही पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन फैसलों की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण करना है, बल्कि राज्य के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण कदम उठाना है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से मध्यप्रदेश में पर्यटन, शिक्षा, संस्कृति और स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक सुधार होगा।
आज की मंत्रि-परिषद की बैठक में राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। “श्रीकृष्ण पाथेय न्यास” का गठन, स्टॉफ नर्सों की नियुक्ति और उन्नत सड़क निर्माण के फैसले मध्यप्रदेश को एक नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।








