ACB की बड़ी कार्रवाई: छत्तीसगढ़ में रिश्वतखोरों के खिलाफ तीन गिरफ्तार
रायपुर: छत्तीसगढ़ में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिश्वतखोरी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। ACB ने एक ही दिन में रायपुर और कोरबा जिले में तीन रिश्वतखोरों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में मछली पालन विभाग के संयुक्त संचालक देव कुमार सिंह, राजस्व निरीक्षक अश्वनी राठौर, और पटवारी धीरेंद्र लाटा शामिल हैं। इन सभी पर रिश्वत लेने का आरोप है।
देव कुमार सिंह की गिरफ्तारी
पहली कार्रवाई रायपुर में हुई, जहां एसीबी ने मछली पालन विभाग के संयुक्त संचालक देव कुमार सिंह को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। सिंह पर आरोप था कि उन्होंने विभागीय कार्यों को निपटाने के लिए 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
यह मामला तब सामने आया, जब बिलासपुर के नरेंद्र कुमार श्रीवास, जो जांजगीर-चांपा में कार्यालय सहायक संचालक के रूप में कार्यरत हैं, ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, देव कुमार सिंह ने मामले को निपटाने के लिए ₹2 लाख की मांग की थी। एसीबी ने तुरंत कार्रवाई की और शिकायत की जांच के बाद जाल बिछाया। नरेंद्र ने पहले ₹1 लाख की रिश्वत देने की पेशकश की, और जैसे ही सिंह ने पैसे लिए, एसीबी की टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।
ग्रामीण वेश में एसीबी की रणनीति
इस कार्रवाई को सफल बनाने के लिए एसीबी के अधिकारियों ने विशेष रणनीति अपनाई। उन्होंने पूरी टीम को ग्रामीणों के वेश में भेजा, ताकि किसी को भी शक न हो। एसीबी के अधिकारी कुर्ता-पायजामा और लोवर पहने हुए थे, जो मछली पालन के लिए सलाह लेने पहुंचे प्रतीत हो रहे थे। इस चालाकी से टीम ने बिना किसी रुकावट के गिरफ्तारी को अंजाम दिया।
कोरबा में दूसरी गिरफ्तारी
इसी दिन एसीबी ने कोरबा जिले के बाकीमोंगरा क्षेत्र में भी बड़ी कार्रवाई की। यहां शिकायतकर्ता संजय दिवाकर ने राजस्व निरीक्षक अश्वनी राठौर और पटवारी धीरेंद्र लाटा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इन दोनों अधिकारियों ने भूमि सीमांकन के लिए ₹13,000 की रिश्वत मांगी थी। एसीबी ने जाल बिछाकर राठौर को ₹5,000 की पहली किश्त लेते हुए और लाटा को ₹8,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
इस बड़ी कार्रवाई से यह साफ है कि एंटी करप्शन ब्यूरो भ्रष्टाचार के खिलाफ बेहद सख्त है और समय रहते कार्रवाई कर रहा है। छत्तीसगढ़ में इस प्रकार की कार्रवाई से अधिकारियों में चेतावनी का माहौल बनता है और रिश्वतखोरी पर नियंत्रण पाने में मदद मिलती है। ACB की इस कड़ी कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी और किसी को भी कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।








